ठगी की शिकायत को ले भटकता रहा पीड़ित, कतार में लगे लोगों ने नहीं जाने दिया बैंक
साइबर सेल में शिकायत करने के लिए पीड़ित को दर दर की ठोकरें खानी पड़ी। ठगों ने डेबिट कॉर्ड अपडेशन के नाम पर पति व पत्नी के खाते से 31 हजार रुपए निकाल लिए। शिकायत लेकर वह इकोटेक थाने गए। वहां से साइबर सेल भेज दिया गया।
साइबर सेल ने उन्हें डिटेल लाने को कहा। जिसके बाद एसबीआई बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों ने उन्हें बैंक के अंदर जाने नहीं दिया। वह वापस घर लौट गया। किसी तरह मोबाइल की डिटेल लेकर दोबारा साइबर सेल पहुंचे। वहां उनकी शिकायत तो ली गई, लेकिन रिसीविंग नहीं दी गई।
मामला सूरजपुर निवासी अजयकुमार सिंह का है। वह निजी कंपनी में काम करते हैं। 17 नवंबर को उनके पास एक फोन आया। फोन कर्ता ने अपने आप को एसबीआई बैंक से डेबिट कॉर्ड अपडेटर अधिकारी बताया। इसके बाद अजय से आधार कॉर्ड नंबर व डेबिट कॉर्ड का नंबर मांगा।
अजय ने दोनों नंबर उन्हें बता दिए। फोनकर्ता ने उन्हें डेबिट कॉर्ड अपडेट के नाम पर एक एसएमएस आने की बात कही। चार दिन बाद 21 नवंबर को एसएमएस के साथ फोनकर्ता का दोबारा फोन आया। जिस पर उसने एसएमएस की डिटेल मांगी।
बैंक में जाने से रोका
फोन पर ओटीपी नंबर कर एसएमएस आया हुआ था। ठगों की बातों में आकर पीड़ित ने उन्हें ओटीपी नंबर बता दिया। तीन बार ओटीपी नंबर आने के बाद उनके खाते से 13 हजार रुपए के ट्रांजेक्शन का एमएमएस आया।
मामला यही नहीं थमा ठगों ने अजय को उनकी पत्नी का डेबिट कॉर्ड अपडेट करने की बात कहकर फिर से जानकारी मांगी। जिस पर पीड़ित अजय ने अपने पत्नी के डेबिट कार्ड की भी जानकारी दे दी। जिसके बाद उनकी पत्नी के खाते से चार ट्रांजक्शन में 18 हजार रुपए निकाल लिए गए।
साइबर सेल में शिकायत करने पहुंचे अजय को बैंक स्टेटमेंट लाने को कहा गया। वह सेक्टर-02 स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे। वहां नोट बदलने व निकालने वाले लोगों की लाइन लगी थी। अजय ने लोगों से अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी, लेकिन किसी ने भी उनकी एक नहीं सुनी। उन्हें लाइन में आने को कहा। वह वापस सूरजपुर चले गए। इसके बाद फोन डिटेल लेकर वह साइबर सेल गए। जहां उनकी शिकायत लेकर उन्हें रिसीविंग भी नहीं दी गई।