एक मां की सूनी गोद भरने के लिए दूसरी मां से छीना उसका लाल, बनाया ये खतरनाक प्लान
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अपनी बहन की सूनी गोद को भरने के लिए एक महिला ने भतीजे के साथ मिलकर पड़ोस में रहने वाले ढाई साल के बच्चे को अगवा करा लिया। आरोपियों ने बच्चे को अपनी नौकरानी से अगवा करवाया और इसकी एवज में उसे 45 हजार रुपये दिए।
आरोपी महिला बच्चे को अपनी बहन को सौंप पाती, उससे पहले ही पुलिस ने बच्चे को अगवा करने वाली महिला को गिरफ्तार कर साजिश का भंडाफोड़ कर दिया।
पुलिस ने महिला की निशानदेही पर साजिशकर्ता महिला और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
रोहिणी पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता ने बताया कि बवाना की इंद्राज कॉलोनी में रहने वाले सुखराम ने 23 फरवरी को अपने ढाई साल के बेटे अभिषेक के गायब होने की शिकायत थाने में की।
बवाना थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने पीड़ित के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। फुटेज में पुलिस को दिखा कि लाल रंग की सलवार कमीज पहनी एक महिला अभिषेक को गोद में लेकर जा रही है।
पुलिस कर रही परेशान
पुलिस महिला का फोटो निकालकर आसपास के इलाके में उसकी पहचान करने में जुट गई। पुलिस को जल्द ही पता चल गया कि महिला सैयद कॉलोनी बवाना निवासी सोनिया है।
पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा, जहां दरवाजे पर ताला लगा था। आसपास रहने वालों ने बताया कि सोनिया को एक दिन पूर्व देखा गया था।
पुलिस को जानकारी मिली कि वह मूलत: उत्तर प्रदेश के हरदोई की रहने वाली है। बवाना में उसका पति फैक्टरी में काम करता है, जबकि वह घरों में साफ सफाई करती है।
पुलिस ने सोनिया के फोन को सर्विलांस पर लगाया। सोनिया लगातार ठिकाना बदल रही थी। 25 फरवरी की शाम पुलिस ने सोनिया को आनंद विहार बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया।
बहन के बेटे की झुलसने से हो गई थी मौत
सोनिया ने बताया कि इंद्राज कॉलोनी में रहने वाली एक महिला रजनी ने उसे बच्चे को अगवा करने के लिए कहा था। इसकी एवज में उसने उसे 45 हजार रुपये दिए।
पुलिस ने सोनिया के पास से 42 हजार रुपये बरामद कर लिए। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर रजनी और साजिश में शामिल उसके भतीजे सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
रजनी से पूछताछ में पता चला कि रजनी की एक बहन संतोष बहादुरगढ़ में रहती है। वर्ष 2015 में आग में झुलसने से संतोष के बच्चे की मौत हो गई थी। संतोष ने रजनी को एक बच्चा गोद दिलाने के लिए कहा था।
रजनी ने अपने भतीजे के साथ मिलकर साजिश रची। वह बहन को सरप्राइज देना चाहती थी। उसने सोनिया को सुखराम के बच्चे को चुराने के लिए तैयार किया और उसे इसकी एवज में 45 हजार रुपये देने की बात कही।