जिगिषा घोष हत्याकांड के दोषियों का अपराध से रहा है गहरा रिश्ता, लम्बी है जुर्म की दास्तां
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जिगिषा घोष की हत्या में दोषी ठहराए गए बदमाशों का अपराध से बहुत गहरा रिश्ता है। जिगिषा मर्डर केस के अलावा सौम्या विश्वनाथन व एक टैक्सी ड्राइवर की हत्या के मुकदमे भी इन दोषियों पर चल रहे हैं।
इसके अलावा जज की मोहर चुराकर फर्जी आदेश जारी के मामले में अमित शुक्ला को अदालत ने सितंबर 2014 में दो साल की सजा सुना चुकी है। जेल से रंगदारी का रैकेट चलाने का भी अमित पर आरोप है।
बीपीओ कर्मी जिगिसा की हत्या से पहले रवि कपूर व उसके सहयोगी टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या को अंजाम दे चुके थे। सौम्या की 30 सितंबर 2008 की रात उस समय हत्या कर दी थी जब वह काम से वापस घर लौट रही थी।
जिगिषा की हत्या की पूछताछ के दौरान ही सौम्या की हत्या का खुलासा भी आरोपियों ने किया था। जानकारी के मुताबिक इन दोषियों में शामिल अमित शुक्ला ने साकेत स्थित मजिस्ट्रेट की मोहर चुराकर फर्जी आदेश तैयार कर लिया था और उसके जरिये अपने लिए घर के खाने, कपड़े, जूते व किताब कॉपी की व्यवस्था करवा ली थी।
अमित शुक्ला ने जेल से चलाया था अवैध वसूली रैकेट
उसके बाद उसने मजिस्ट्रेट की मोहर अपने दूसरे साथी को दे दी थी और उसने भी फर्जी आदेश तैयार कर लिया था लेकिन वह पकड़ा गया और सारा फर्जीवाड़ा खुल गया।
साकेत थाना पुलिस ने संबंधित मजिस्ट्रेट की शिकायत पर अमित शुक्ला के खिलाफ अगस्त 2012 में मुकदमा दर्ज किया था। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद सितंबर 2014 में अमित शुक्ला को दो साल कैद की सजा सुनाई थी।
इसके अलावा अमित शुक्ला पर जेल से अवैध वसूली रैकेट चलाने का भी आरोप लगा था। इस मामले में स्पेशल सेल ने 2013 में अमित शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी ने अमित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी।