भाई बनकर प्रेमिका को ससुराल से भगा ले गया
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कई सालों से एक दूसरे को प्यार करने वाले प्रेमी और प्रेमिका को जब भागने का मौका नहीं मिला तो उन्होंने शादी तक इंतजार किया।
शादी के एक हफ्ते बाद प्रेमी दुल्हन का ममेरा भाई बनकर उसे उड़ाकर ले गया। दुल्हा पक्ष को जब जानकारी लगी तो दुल्हन और उसके प्रेमी के खिलाफ कोतवाली में तहरीर देकर शिकायत की है। पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी है।
नवविवाहिता के इस कदम से एक ओर जहां उसके परिजन परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर आसपास के लोग भी तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
12 दिन पहले हुई थी शादी
दनकौर कोतवाली के मंडी श्यामनगर कस्बा निवासी राम सिंह के बेटे देवी सिंह (परिवर्तित नाम) की शादी 12 दिन पहले डिबाई कस्बे की एक युवती से हुई थी। शादी के बाद दुल्हन अपने मायके नहीं गई थी।
दूल्हा पक्ष ने बात की तो दुल्हन ने बताया कि उसके मामा के लड़के उसे लेने के लिए आएंगे। आरोप है कि मंगलवार की सुबह दनकौर में दुल्हन को लेने के लिए दो युवक पहुंचे।
उन्होंने अपने आप को दुल्हन के मामा का बेटा बताया। दूल्हा पक्ष ने दोनों युवकों की खूब खातिर की और बाद में एक की बाइक पर दुल्हन और दूसरे की बाइक पर सामान लाद दिया।
बाइक पर बैठी तो खुला राज
जैसे ही बाइक चलने लगी तो विदाई करने आई सास-ननद आदि से कहा कि वह अब यहां लौटकर नहीं आएगी। दुल्हन की बात सुन ससुराल पक्ष की महिलाएं दंग रह गईं और फिर उनका पीछा किया लेकिन तब तक दुल्हन बाइक पर फुर्र हो गई।
दूल्हा पक्ष ने दुल्हन के घर पर फोन से घटना के बारे में बताया तो दुल्हन के मायके वाले भी सन्न रह गए और बताया कि वह न तो उसके मामा के लड़के थे और न ही वह अभी तक घर पहुंची है।
बाद में पता चला कि दुल्हन का अपने पड़ोसी से ही प्रेमप्रसंग था। पहले भी उसने भागने का प्रयास किया था। जिसके चलते मायके वालों ने उसकी शादी की थी। ससुरालियो दूल्हा पक्ष का आरोप है कि दुल्हन के पास करीब 15 हजार की नकदी थी और पौने दो लाख रुपये के जेवरात थे।
ऐसे ही चल रहे हैं कई गिरोह
गौतमबुद्धनगर में पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। बादलपुर पुलिस ने तीन साल पहले ऐसे ही एक गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
जिसमें पति ही अपनी पत्नी की शादी कराता था और अपने आप को लड़की का भाई बताता था। जैसे ही दो-तीन दिन में दूल्हे का परिवार सामान आदि लेने के लिए बाहर जाता था तो दुल्हन घर से सामान लेकर भाई के साथ फुर्र हो जाती थी।
यह गिरोह ऐसे लोगों को चिह्नित करता था जिनकी शादी न हुई हो। साकीपुर, कचैड़ा, दनकौर और रबूपुरा के कई गांवों में घटनाएं हो चुकी हैं।