दिल्ली के नामी अस्पताल में किडनी बेचने के धंधे का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार
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दिल्ली के मशहूर अपोलो हास्पीटल में किडनी बेचने के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में किडनी बेचने वाले तीन लोगों के अलावा तीन दलालों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली के सरिता विहार थाने में आईपीसी की धारा 120बी और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में अस्पताल के दो कर्मचारी भी शामिल हैं। किडनी को पांच से छह लाख रुपये में बेचा जाता था।
दक्षिणी दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चलने वाले इस रैकेट का खुलासा करते हुए संयुक्त पुलिस कमीश्नर साउथ रेंज आरपी उपाध्याय ने बताया है कि इस मामले में अब तक कुछ छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक इस रैकेट का मास्टरमाइंड अनीस नाम का व्यक्ति है जो किडनी की जरुरत वाले लोगों को गैरकानूनी तरीके से किडनी बेचता था।
इस मामले पर सफाई देते हुए अपोलो अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में अस्पताल प्रशासन का कोई लेना देना नहीं हैं और जो दो टेक्निशियन इस मामले में गिरफ्तार किए गए हैं उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। जांच में हम पुलिस का पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।
डॉक्टर की भूमिका तलाश रही पुलिस
हालांकि पुलिस अब तक गिरफ्तार छह लोगों से इस बारे में भी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि क्या इसमें अस्पताल प्रशासन या किसी डाक्टर की भी भूमिका है।
एम्स ने भी इस मामले की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि किडनी बेचने वाले जिन तीन लोगों की जांच की गई है उनके सैंपल सही पाए गए हैं।
मुख्य आरोपी अनीस से पुलिस ये जानने की कोशिश कर रही है कि किडनी ट्रांसप्लांट करने में उसे कौन-कौन से डाक्टर मदद करते थे क्योंकि पुलिस का मानना है कि बिना चिकित्सकों की मदद के इस रैकेट को नहीं चलाया जा सकता।