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ये हैं 40 लाख की फिरौती मांगने वाले शातिर
अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 03 Feb 2014 09:09 PM IST
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गुड़गांव में कश्मीर के चार युवाओं के अपहर्ताओं को नगीना (मेवात) पुलिस ने सोमवार को धर दबोचा जबकि धुंध का फायदा उठाकर उनके सात साथी भागने में कामयाब हो गए।
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इस बीच अपहृत युवकों को उनके चंगुल से सही सलामत छुड़ा लिया गया है। पुलिस ने सभी अपहर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर बाकी की तलाश शुरू कर दी है।
नगीना थाना प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि श्रीनगर के रहने वाले सैफ कादरी, इकबाल अहमद, जावेद और सैफुल्लाह खान 31 जनवरी को अजमेर शरीफ के लिए निकले थे। दिल्ली उतर कर ये लोग गलती से वाया जयपुर जाने की बजाय मेवात के रास्ते राजस्थान जाने वाली बस में चढ़ गए।
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चारों दोस्त मेवात के बडकली चौक पर उतर गए। यहां से उन्होंने अजमेर शरीफ जाने के लिए चार हजार रुपये में किराये की एक टैक्सी कर ली।
थाना प्रभारी के अनुसार, पीड़ितों ने बताया कि वे जब करीब 50-60 किलोमीटर आगे पहुंच गए तो बदमाशों ने कार को जंगल की तरफ मोड़ दिया। उन्होंने उनसे सवाल किया तो बदमाशों ने यहां से दूसरी गाड़ी के बंदोबस्त की बात कह दी। यहां से चारों युवकों को राजस्थान नंबर की एक कार में बैठा लिया गया और जंगल में ले जाकर हाथ-पैर बांध दिए गए।
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पुलिस को दिए बयान में सैफुल्लाह खान के बहनोई श्रीनगर निवासी याशीर बाबा ने बताया कि शुक्रवार की रात उसके फोन पर सैफू के फोन से कॉल आई, जिसमें पैसे की मांग की गई। इतनी देर में किसी दूसरे व्यक्ति ने फोन पर 40 लाख रुपये मांगे। उसने चारों को जान से माने की धमकी भी दी। इससे वे पूरा माजरा समझ गए।
उन्होंने अपने पास 10 लाख रुपये होने की बात कहकर शनिवार को उक्त राशि भेजने का भरोसा दिया। उसने बताया कि वह शनिवार को बैंक गया तो आरोपियों की ओर से दिए गए अकाउंट नंबर में पैसे ट्रांसफर नहीं हो रहे थे। उसने इसकी जानकारी बदमाशों को दी। इस पर बदमाशों ने उन्होंने 10 लाख रुपये खुद लेकर आने की नसीहत दी। इस बीच याशीर ने कश्मीर पुलिस को सूचित कर दिया।
ऐसे बिछाया जाल
थाना प्रभारी के अनुसार, शनिवार की रात करीब 10 बजे उनके पास श्रीनगर पुलिस ने फोन पर घटना की जानकारी दी। पुलिस की ओर से उन्हें वह नंबर भी दिया गया, जिस पर याशीर लगातार बात कर रहा था। तत्काल उस नंबर को सर्विलांस पर लगाकर फोन की लोकेशन पता लगाई। लोकेशन झिमरावट के जंगलों की थी। लोकेशन का पता लगते ही एक स्पेशल टीम बनाई गई, लेकिन रात गहराने और अधिक धुंध होने के कारण रात को दबिश देना संभव नहीं हो पाया। रविवार सुबह छह बजे पुलिस टीम झिमरावट के जंगलों में पहुंच चुकी थी।
धुंध से फायदा भी और नुकसान भी
जिस समय नगीना पुलिस झिमरावट के जंगलों में पहुंची, उस समय चारों गहरी धुंध थी। थाना प्रभारी के अनुसार कुछ भी साफ-साफ दिखाई नहीं दे रहा था। चूंकि बदमाशों के पास हथियार होने की सूचना मिली थी, लिहाजा पूरी एहतियात बरती जा रही थी। जरा सी चूक खेल बिगाड़ सकती थी। करीब दो-ढाई घंटे तक जंगल की खाक छानने के बाद चारों बदमाशों को एक साथ धर दबोचा। उनकी पहचान आसिम व अरशद निवासी गांव झिमरावट और रशीद और मुकर्रम के रूप में की गई है। बदमाशों को हथियार संभालने का मौका ही नहीं दिया। पूरा काम धुंध के सहारे आसान हो पाया। लेकिन धुंध के कारण ही सात आरोपी भागने में भी सफल रहे। चारों को रिमांड पर लिया गया है।