कार में मरने वाले 3 दोस्तों के केस में नया मोड़
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नई दिल्ली के आरकेपुरम के सेक्टर-चार में सोमवार रात सफेद रंग की जिस होंडा सिटी कार में तीन युवकों के शव मिले थे, उसका एसी बाहर से हवा खींचने वाले सर्कुलेशन मोड पर था।
ऐसी स्थिति में कार के अंदर जहरीली गैस बनने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। सीबीआई की सीएफएसएल टीम ने पुलिस अधिकारियों को अनौपचारिक रूप से यह बात बताई।
पुलिस के अनुसार सीबीआई की सीएफएसएल की फाइनल रिपोर्ट आने में अभी कुछ दिन लगेंगे।
सर्कुलेशन मोड पर था कार का एसी
शुरुआती जांच के बाद सीएफएसएल टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि कार का एसी सर्कुलेशन मोड पर था। इस दौरान गाड़ी में बाहर की हवा अंदर आती है, मगर अंदर की हवा बाहर नहीं जाती।
ऐसी सूरत में कार में जहरीली गैस कार्बन मोनो ऑक्साइड बनती रहती है। घटना वाली रात हवा भी नहीं चल रही थी। सीएफएसएल की टीम ने गाड़ी से मिली युवकों की उल्टियों को चेक किया।
शुरुआती जांच में उल्टी से जहर के नमूने नहीं मिले। पुलिस ने उल्टी के नमूनों को जांच के लिए भेज दिया है। जानकारों का कहना है कि गाड़ी के अंदर कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनने पर अंदर बैठे शख्स को उल्टी होती है।
रात साढ़े सात बजे तक जिंदा थे तीनों
मरने वाले युवकों के मोबाइलों की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस को पता चला कि सोमवार शाम 7:30 बजे तक तीनों दोस्त जिंदा थे। आरकेपुरम स्थित एक कैटर्स ने लक्ष्मण से बात की थी। लक्ष्मण ने उससे मोबाइल पर काफी देर बात की थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक छानबीन करने पर पता चला तीनों दोस्त सोमवार शाम करीब 3:30 बजे घटनास्थल पर मिले। इसके बाद वे किसी को पेमेंट करने चले गए थे। 5:00 बजे वे लौट आए। 7:00 बजे इन लोगों ने चिप्स खरीदे थे। रात 9:15 बजे परिजनों ने लक्ष्मण का मोबाइल नंबर मिलाया, मगर उसने कॉल रिसीव नहीं की।
ऐसे में माना जा रहा है कि लक्ष्मण व उसके दोस्तों की मौत 9:15 बजे से पहले ही हो चुकी थी। रात 9:45 बजे लक्ष्मण के पिता दुकान बंदकर चले गए, मगर उन्होंने कार की ओर नहीं देखा। करीब 10:30 बजे घटना का पता चला। गौरतलब है कि लक्ष्मण, बलविंदर और निशांत तीनों दोस्त थे। उनके शव होंडा सिटी कार में मिले थे। कार लक्ष्मण के भाई कन्हैया की दुकान के सामने खड़ी थी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त से मिले परिजन
तीनों दोस्त मिलकर कैटरिंग और डीजे का काम करते थे। लक्ष्मण के भाई कन्हैया ने बताया कि इन लोगों का कोई ऑफिस नहीं था। अक्सर तीनों कार के अंदर बैठकर ही बिजनेस की बातें करते थे। कन्हैया ने बताया कि कई दिनों से उसकी दुकान के सामने कार को पार्क करने के बाद उसमें बैठकर लक्ष्मण, बलविंदर और निशांत बातें करते थे।
तीनों युवकों केपरिजन बुधवार सुबह दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह से मिले। उन्होंने मौत का कारण बताने की मांग की। वे चाहते थे कि जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए और उन्हें मौत का कारण बताया जाए। कन्हैया का कहना है कि जहर देकर उसके भाई लक्ष्मण व उसके दोस्तों की हत्या की गई।
लक्ष्मण ने गाड़ी में जो उल्टी की थी, उससे जहर व एसिड जैसी बदबू आ रही थी। वहीं निशांत के दोस्त अरविंद मलिक का कहना था पुलिस मौत के कारण बता नहीं रही है, जबकि उसे शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गई है।