हेडकांस्टेबल रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गिरफ्तार, SI के भी शामिल होने का शक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओल्ड फरीदाबाद थाने में युवक से 11 हजार रुपये रिश्वत लेते हेडकांस्टेबल प्रमोद कुमार को एसीपी एनआईटी देवेंद्र यादव ने रंगेहाथ पकड़ा। रिश्वत लेने में एक एएसआई के भी शामिल होने का आरोप है। पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने दोनों के निलंबन और लाइन हाजिर के आदेश दिए है।
दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। ओल्ड फरीदाबाद के बार मोहल्ले में रहने वाले सतीश कुमार ने शनिवार को पुलिस आयुक्त से इन दोनों पुलिस वालों की शिकायत की थी। सतीश के मुताबिक वह और उनका दोस्त चेतन शराब पीने के शौकीन हैं। कीमत कम होने की वजह से दोनों दोस्त एक पेटी शराब खरीदते हैं और छह-छह बोतलें आपस में बांट लेते हैं। उनके मुताबिक पांच मई को दोनों ने एक पेटी शराब खरीदी थी।
छह बोतलें वह घर ले आए, उनमें से एक बोतल खोल कर उन्होंने शराब भी पी। उनका आरोप है कि वह घर पर नहीं थे इस दौरान ओल्ड फरीदाबाद थाने में तैनात एएसआई अनिल कुमार और हेडकांस्टेबल प्रमोद कुमार बिना सर्च वारंट उनके घर में घुस आए।
पुलिस वाले घर में मौजूद महिलाओं को डरा धमका कर पांच भरी और एक आधी खाली बोतल निकाल ले गए। उनका आरोप है कि एएसआई ने उन पर 14 बोतल अवैध शराब का केस दर्ज कर दिया। इसके बाद उनसे 8.5 हजार रुपये जुर्माने के और 5 हजार रुपये मामला खत्म करने की मांग की गई।
उन्होंने मोल तोल किया तो सौदा 11 हजार रुपये में तय हुआ। सौदा तय होने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त से की। उन्होंने एसीपी एनआईटी देवेंद्र कुमार को आरोपी पुलिस वालों को रंगेहाथ पकडने की जिम्मेदारी सौंपी।
रिश्वत में दिए जाने वाले 11 हजार रुपयों पर एसीपी देवेंद्र यादव और सतीश ने हस्ताक्षर किए। इसके बाद सतीश थाने पहुंचे और उन्होंने हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार को रुपये थमा दिए। रुपये जेब में रखते ही छिपकर खड़े हुए एसीपी देवेंद्र कुमार ने हेडकांस्टेबल को पकड़ लिया और रुपये बरामद किए।
सतीश कुमार का कहना है कि सोमवार को वह पुलिस आयुक्त से मिलकर दोनों पुलिस वालों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराने की मांग करेंगे। इस संबंध में पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने बताया कि दोनों को निलंबित और लाइन हाजिर करने के साथ उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।