नितीश कटारा हत्याकांड : सजा बढ़ाने के लिए सरकार ने कोर्ट में दाखिल किया शपथ पत्र
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दिल्ली सकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर नितीश कटारा हत्याकांड में विकास यादव और विशाल यादव की सजा बढ़ाने और पैरोल नहीं दिए जाने की मांग की है।
सरकार ने शपथपत्र के साथ यूपी सरकार से बदायूं में चल रहे एक मुकदमे में पेश नहीं होने की मिली रिपोर्ट और तिहाड़ से पेशी के लिए जाने की रिपोर्ट, तिहाड़ जेल में इनके व्यवहार से जुड़ी रिपोर्ट भी लगाई है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, यूपी के बदायूं जिले में चल रहे एक मुकदमे में पेशी को लेकर विकास यादव और विशाल यादव बार-बार यूपी जाते थे। ऐसी सूचना थी कि ये वहां पेश होने के नाम पर इधर-उधर जाते हैं।
चाल-चलन का हवाला देकर की पैरोल न देने की मांग
इसके लिए यूपी सरकार को एक पत्र 15 मार्च, 2016 को लिखकर पेशी की रिपोर्ट मांगी थी। यूपी सरकार के अतिरिक्त निदेशक (कानून) की तरफ से मिली रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि 30 जुलाई, 2014 को धोखाधड़ी के इस मामले में पेशी के लिए समन किया गया।
इस तारीख पर विकास यादव आया, लेकिन विशाल यादव पेश नहीं हुआ। फिर 20 मार्च, 2016 को विकास यादव ही पेश हुआ। इस पत्र को शपथपत्र के साथ लगाया गया है।
दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र देकर विकास यादव व विशाल यादव के जेल में चाल चलन का जिक्र करके पैरोल नहीं दिए जाने और उम्रकैद की सजा और 25 साल से अधिक करने की मांग की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होनी है। उल्लेखनीय है कि नितीश कटारा की मां की मांग पर दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यन और दयान कृष्णन को मामले की पैरवी के लिए नियुक्त किया है।