रोजाना 10 लाख तक की कमाई करने वाले जीबी रोड के सैक्स रैकेट का भंडाफोड़
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दिल्ली के जीबी रोड में सेक्स रैकेट के सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इसके तहत दिल्ली पुलिस ने जीबी रोड पर कोठे चलाने वाले आफाक हुसैन और उसकी बीवी सायरा को गिरफ्तार किया है। ये दोनों जीबी रोड पर 6 कोठे चलाते हैं जिनमें 40 कमरे हैं और इनमें करीब 250 लड़किया थीं।
जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच ने आफाक और उसकी पत्नी को एक हफ्ते पहले गिरफ्तार किया था। इन दिनों दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस टीम ने कोठा चलाने वाले इस दंपति के अलावा 6 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने बताया कि, आफाक की हर रोज़ की कमाई 10 लाख से ऊपर थी। इसका अपना पूरा गिरोह है, जिसमें अधिकतर लड़कियां पश्चिम बंगाल, झारखंड, नेपाल, बिहार से लाई जाती रही हैं।
लड़कियों की कमाई का हिसाब रखता था रमेश पंडित
कोठों पर लड़कियों के आने के बाद इन्हें संभालने के लिए सीनियर महिलाएं तैनात थीं, जिन्हें नायिकाएं कहा जाता है। लड़कियों की कमाई का हिसाब आफाक का ड्राइवर रमेश पंडित रखता था।
सिंडिकेट में मैनेजर का नाम सरफराज है, जो फरार है। इन लोगों के अकाउंट में करोड़ों रुपये जमा हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली और एनसीआर में इनकी कई संपत्तियां हैं।
इनके अलावा गैंग के कई लोग अब भी फरार हैं। जीबी रोड सेक्स रैकेट के इस केस में पुलिस ने सभी आरोपियों पर मकोका के तहत पहली बार कार्रवाई की है।
सायरा को पहले भी हो चुकी है 7 साल की सजा
सूत्रों के मुताबिक इस जोड़े ने यह काम जीबी रोड़ के एक कोठे से शुरू किया था। लेकिन अब इनके पास अन्य चार कोठे हैं। इसके साथ ही इनके पास कई बेनामी प्रॉपर्टी और दुकानें हैं।
1990 के बाद से सायरा को अलग-अलग केसों में सात बार गिरफ्तार किया गया है, वहीं आफाक को तीन बार गिरफ्तार किया गया है।
साल 2001 में सायरा को एक मामले में सात साल की सजा हुई थी, लेकिन वहां से लौटने के बाद उसने फिर से वही धंधा शुरू कर दिया।