फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver

रैपिड मेट्रो स्टेशन पर क्रेन की पट्टी टूटने से गार्डर गिरा, ऑटो चालक सहित तीन घायल

Tue, 24 May 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Tue, 24 May 2016 10:14 PM IST
सार

 सेक्टर-56 स्थित निर्माणाधीन रैपिड मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार दोपहर गार्डर गिरने से ऑटो सवार तीन लोग घायल हो गए। 

विज्ञापन
Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver
यही गार्डर गिरने से हुआ हादसा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेक्टर-56 स्थित निर्माणाधीन रैपिड मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार दोपहर गार्डर गिरने से ऑटो सवार तीन लोग घायल हो गए। उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब क्रेन की मदद से गार्डर ऊपर ले जाया जा रहा था।

विज्ञापन


सिकंदरपुर से सेक्टर-55-56 तक रैपिड मेट्रो के विस्तार का काम चल रहा है। काम निर्धारित डेडलाइन में पूरा किया जा सके, इसके लिए रैपिड मेट्रो प्रबंधन ने काम में तेजी ला दी है। सेक्टर-56 स्टेशन पर गार्डर को चढ़ाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया जाता है।
विज्ञापन


क्रेन जब गार्डर को उठाकर स्टेशन के ऊपर तय स्थान पर रखती है तो उसे वहीं पर ढांचे के साथ वेल्डिंग कर दिया जाता है। मंगलवार दोपहर करीब 12:00 बजे जब क्रेन की मदद से गार्डर को उठाया जा रहा था, तभी उसकी पट्टी टूट गई। इससे कई टन वजनी गार्डर सीधे जमीन पर जा गिरा।

विज्ञापन
विज्ञापन

गुजर रहे ऑटो का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया

Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver
गार्डर गिरने से क्षतिग्रस्त ऑटो - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान वहां से गुजर रहे ऑटो उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसका पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सेक्टर-56 की रोड काफी व्यस्त रहती है। इसे महज इत्तेफाक ही कहा जा सकता है कि उस समय स्टेशन रोड पर वाहनों की संख्या ज्यादा नहीं थी।

अगर यही हादसा सुबह 8:00 से 10:00 बजे के बीच होता तो जानमाल का काफी नुकसान हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शी बलबीर का कहना है कि गार्डर गिरने से रैपिड मेट्रो का पुल भी एक स्थान पर टूट गया है। वहीं संतोष ने बताया घटना के बाद वाहन चालकों को वहां से गुजरने से डर लग रहा था।

ऑटो चालक और दो यात्री मामूली रूप से घायल हुए

Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver
घटना स्थल पर जांच करते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला

सेक्टर-56 थाना एसएचओ अमित ने बताया कि हादसे में ऑटो चालक और दो यात्रियों को मामूली रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

सइट पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम के बाद भी यह हादसा हुआ है। इसके लिए जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कांट्रैक्टर से इस दुर्घटना की पूरी डिटेल रिपोर्ट तलब की गई है। घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। हादसे में जिन्हें क्षति पहुंची है, उनकी सहायता की जाएगी। -प्रवक्ता, रैपिड मेट्रो रेल गुड़गांव

हादसा कहीं सुरक्षा में चूक का नतीजा तो नहीं

Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver
गार्डर गिरने से क्षतिग्रस्त मेट्रो ट्रैक - फोटो : अमर उजाला

हादसा कहीं सुरक्षा में चूक का नतीजा तो नहीं :

रैपिड मेट्रो के निर्माणाधीन सेक्टर-56 स्टेशन पर गार्डर गिरने की घटना कहीं सुरक्षा में चूक का नतीजा तो नहीं। इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि जिस वक्त गार्डर को क्रेन से उठाकर स्टेशन पर चढ़ाया जा रहा था, उस समय सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे।

इस काम में लगे लोगों ने रोड पर ट्रैफिक की आवाजाही को रोका नहीं था, जबकि सुरक्षा के लिहाज से उस समय वाहनों के आवागमन को रोकना चाहिए था। यही कारण है ऑटो उसकी चपेट में आ गया।

लोहे के गार्डर का वजन उठाने में समक्ष नहीं था पट्टा

Garder fell down on Rapid Metro station, three injured including auto driver
इसी रस्सी की मदद से चढ़ाया जा रहा था गार्डर - फोटो : अमर उजाला

वहीं रैपिड मेट्रो प्रबंधन का दावा है कि उनकी कंस्ट्रक्शन साइट पर सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखा जाता है। रैपिड मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि सेक्टर-56 स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का ही परिणाम रहा कि हादसे में किसी को अधिक नुकसान नहीं हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि क्रेन का पट्टा पहले टूटा, जो कपड़े का लग रहा था। वह लोहे के गार्डर के वजन को उठाने में समक्ष नहीं था। अगर पट्टा मजबूत होता तो हादसा नहीं होता। गार्डर को खींचने के लिए जिन रस्सों का इस्तेमाल किया गया, वह काफी कमजोर थे, जिसकी वजह से वह बीच से ही टूट गया।

इससे गार्डर रैपिड मेट्रो के पुल पर गिरा और दो टुकड़ों में बंट गया। बता दें कि रैपिड मेट्रो के डीएलएफ फेज-2 स्टेशन पर भी नवंबर, 2012 में लोहे की बीम गिरने से विकास कुमार नाम के युवक की मौत हो गई थी।

सेक्टर-56 स्थित निर्माणाधीन रैपिड मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार दोपहर गार्डर गिरने से ऑटो सवार तीन लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed