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निर्भया गैंगरेप केस: दोषियों की लूटपाट के मामले में अपील मंजूर

Mon, 24 Apr 2017 09:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 24 Apr 2017 09:54 AM IST
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Gangrape convicts move HC against jail term in robbery case
DELHI GANGRAPE

दिल्ली वसंत विहार गैंगरेप मामले में फांसी की सजा पाए चार में से तीन दोषियों ने लूटपाट मामले में सुनाई गई सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। ट्रायल कोर्ट ने चारों को 10-10 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। 

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न्यायमूर्ति एसपी गर्ग ने दोषी अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की अपील को स्वीकार करते हुए कहा अपील पर नियमित सुनवाई होगी।      
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तीनों दोषियों को अदालत ने डकैती, चोरी की संपत्ति प्राप्त करने के आरोप में दोषी ठहराया था। उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क रखा है कि ट्रायल कोर्ट का आदेश कानून के खिलाफ व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ  है। 
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इसके अलावा उन्होंने कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने फैसला देते हुए उनके तर्कों को सही तरीके से नहीं सुना और वसंत विहार गैंगरेप में दोषी ठहराए जाने के आधार पर एक पक्षीय तरीके से सजा सुनाई गई है। इसके अलावा अभियोजन पक्ष बिना शक उनका अपराध साबित करने में असफल रहा है।   
   
ट्रायल कोर्ट ने इन तीनों के अलावा चौथे दोषी मुकेश को भी 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा सभी पर एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भी किया था।      

16 दिसंबर 2012 की रात को दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय युवती के बलात्कार और क्रूरता पूर्ण हमला कर एक नाबालिग सहित छह ने अधमरा कर दिया था। हमले के 13 दिन बाद सिगांपुर के अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई थी। वहीं उसके सहयोगी की जान बच गई थी।      

आरोप था कि इन सभी ने एक कारपेंटर से उसका मोबाइल फोन के अलावा 1500 रुपये लूट लिए थे और मारपीट कर बस से फेंक दिया था। गैंगरेप के आरोपी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी।  

    
मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को 10 सितंबर 2013 को ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी और 13 मार्च 2014 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने सजा की पुष्टि की थी। फिलहाल इन चारों की फांसी की सजा के खिलाफ अपील सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है।  वहीं नाबालिग को तीन वर्ष के लिए सुधार गृह भेज दिया गया था और अब उसे रिहा कर दिया गया है।

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