गैंगरेप के तीन आरोपी बरी, विरोधाभासी निकला पीड़िता का बयान
सामूहिक दुष्कर्म मामले में महिला समेत तीन आरोपी बरी
अदालत ने कहा पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं
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सामूहिक दुष्कर्म व अपहरण के मामले में एक महिला समेत तीन आरोपियों को पीड़िता के विरोधाभासी बयान के चलते बरी कर दिया गया। अदालत ने कहा इन आरोपियों को झूठे मामले में फंसाए जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिमला कुमारी ने कहा 14 वर्षीय पीड़िता की गवाही भरोसेमंद नहीं है। कोर्ट ने हैरानी जाहिर करते हुए कहा कई मौके होने के बाद भी पीड़िता ने शोर नहीं मचाया।
अदालत ने इस बात पर गौर किया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़िता का पिता जेल में आरोपियों से मिला था। आरोपियों का कहना था कि पीड़िता का पिता उन्हें ब्लैकमेल कर उगाही करना चाहता था।
पीड़िता का बयान गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाया
जब उन्होंने मना कर दिया तो उसने कोर्ट में झूठा बयान दिया और अपनी बेटी से झूठा बयान दिलवाया। अदालत ने कहा पीड़िता का बयान दूसरे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाता। उसके बयान से यह साफ नहीं है उसका अपहरण सात दिसंबर 2007 को कब और कहां से किया और उससे किस आरोपी ने ढाई लाख रुपये जबरन वसूले थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पीड़िता को लेकर पहले खुर्जा और उसके बाद उड़ीसा लेकर चले गए थे। वहां पर दो आरोपियों ने पीड़िता से दुष्कर्म किया था। पुलिस के साथ पीड़िता के परिजनों ने वहां जाकर उसे बरामद करवाया था।