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दो हजार बेरोजगारों से ठगी में चार धरे, मेट्रो में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लेते थे रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 09 Feb 2017 12:27 AM IST
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नौकरी का झांसा देकर करीब दो हजार बेरोजगारों से ठगी करने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी एक जगह ठगी कर दूसरी जगह कार्यालय खोल लेते थे। पश्चिमी जिला डीसीपी विजय कुमार के अनुसार कई युवकों ने मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे जाने की शिकायत मोती नगर थाने में दी थीं।
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पीड़ितों ने शिकायत की कि उन्होंने मेट्रो स्टेशन के आसपास लगे पोस्टर पर रोजगार के विज्ञापन देखकर संपर्क किया था। उन्हें कैलाश पार्क, प्रथम मंजिल मोती नगर दिल्ली में बुलाया गया था। जब पीड़ित यहां पहुंचे तो उन्हें 2250 रुपये जमा कराने के लिए कहा गया। कुछ समय बाद जब वे कार्यालय में गए तो वह बंद था।
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आरोपी गायब थे और उनका मोबाइल भी बंद आ रहा था। मामला दर्जकर अंडर ट्रेनिंग एसीपी मनीष जोरवाल की देखरेख में टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपी गंगा विहार, लोनी गाजियाबाद, यूपी निवासी वीरेंद्र सिंह कादियन उर्फ चौटाला उर्फ लंगड़ा (38) व सूरज कुमार (26), बिज्रवासन, दिल्ली निवासी अमित कुमार (23) और पोस्ट ऑफिस वाली गली, समालखा दिल्ली निवासी कन्हैया गुप्ता (32) को उत्तम नगर से गिरफ्तार कर लिया।
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ये मोती नगर में अपने कार्यालय को बंद कर उत्तम नगर में खोलने की तैयारी कर रहे थे। इनके कब्जे से तीस हजार रुपये, तीन लाख की ज्वेलरी, एलसीडी टीवी, सीपीयू, दो लैपटॉप व फर्जी आईडी, 15 मोबाइल बरामद किए गए हैं। इनके 14 बैंक खातों को सीज किया गया है।
ऐसे करते थे ठगी
वीरेंद्र सिंह कादियान इस गिरोह का मास्टरमाइंड व गिरोह का फाइनेंसर है। वही पूरा खर्च उठाता था। पोस्टर छपवाकर वह पिलर व मेट्रो स्टेशन के पास लगवा देता था। पोस्टर में एक मोबाइल नंबर दिया जाता था। जब कोई दिए गए मोबाइल पर बात करता था तो उसे मोती नगर स्थित ऑफिस में बुलाया जाता था। यहां पर सूरज मिलता था। सूरज युवक से कुछ सवाल पूछता था और फिर उसे 2250 रुपये जमा कराने को कहा जाता था। काफी पीड़ितों से पैसे जमा कराकर ये कार्यालय बंद कर गायब हो जाते थे। ये फर्जी कागजात से कार्यालय किराये पर लेते थे।
गाजियाबाद में भी कर चुका है ठगी
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उसने सबसे पहले गाजियाबाद में ठगी की थी। यहां पर 24 जनवरी, 2014 को इंदिरापुरम, गाजियाबाद में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में यह गिरफ्तार हुआ था। इसने वर्ष 2015 में विकासपुरी में नौकरी देने के नाम पर ठगी का गोरखधंधा शुरू किया। अगस्त, 2015 में तिलक नगर में भी कार्यालय खोला। अप्रैल, 2016 में आशीर्वाद चौक, सेक्टर-12 द्वारका में प्लेसमेंट एजेंसी खोली। लक्ष्मी नगर के बाद नवंबर, 2016 में मोती नगर में कार्यालय खोला था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह मोती नगर कार्यालय से ही दो हजार से ज्यादा बेरोजगार युवकों को ठग चुके हैं। अमित कुमार व कन्हैया गुप्ता वीरेंद्र के एजेंट हैं।