पूर्व कांग्रेसी काउंसलर के बेटे को अगवा कर 50 करोड़ की फिरौती मांगने का मामला: चार गिरफ्तार
-27 सितंबर को पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने सुभाष पैलेस इलाके से काउंसलर के बेटे को कर लिया था अगवा
-मांगी थी पचास करोड़ रुपये की फिरौती, तीन अक्तूबर को बदमाशों ने पांच करोड़ रुपये लेकर अपहृत युवक को छोड़ा
-गुडग़ांव में टैक्सी में बिठा दिया था, पीड़ित सैनिक विहार स्थित अपने घर पहुंचा, पुलिस को तभी से थी बदमाशों की तलाश
-पुलिस ने पीड़ित की कार बरामद करने के अलावा वारदात में इस्तेमाल स्कोर्पियो, स्विफ्ट, एक बाइक बरामद की
-पुलिस को मामले में गैंग लीडर समेत तीन अन्य बदमाशों की तलाश जारी, जगह-जगह छापेमारी जारी
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विस्तार
आरोपियों की पहचान दिल्ली, प्रहलादपुर-बांगर निवासी आनंद उर्फ आने (37), स्वरूप नगर, दिल्ली निवासी विचित्र वीर उर्फ बच्चू उर्फ पिंटोस (30), छावला निवासी विक्रांत शौकीन उर्फ सीटू (30) और विनोद कुमार (32) के रूप में हुई है।
बदमाशों ने 27 सितंबर को पूर्व पार्षद के बेटे कार्तिक शर्मा (20) को अगवा कर लिया था। बाद में पांच करोड़ रुपये की फिरौती लेकर तीन अक्तूबर को उसे छोड़ दिया था।
पुलिस ने कार्तिक की बीएमडब्ल्यू कार व वारदात में इस्तेमाल स्कोर्पियो व एक बाइक समेत दो अन्य कारें बरामद की है। पुलिस को अभी गैंग लीडर महेश और उसके दो साथी आशू व मंजीत डबास की तलाश है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि 27 सितंबर को सैनिक विहार निवासी कार्तिक शर्मा अपनी बीएमडब्ल्यू कार से पीतमपुरा स्थित गुरू गोविंद सिंह कॉलेज के लिए निकला था।
कार्तिक बीबीए अंतिम वर्ष का छात्र है। जैसे ही वह सुभाष पैलेस इलाके में पहुंचा, अचानक पुलिस की वर्दी पहने बाइक सवार दो बदमाशों ने उसकी कार को रुकवा लिया। इस बीच एक स्कोर्पियो कार में कुछ अन्य बदमाश आए।
बदमाशों ने बीएमडब्ल्यू कार से उतारकर जबरन कार्तिक को अपनी स्कोर्पियो में बिठा लिया। बाद में वह पीड़ित की कार लेकर भी फरार हो गए। एक प्रत्यक्षदर्शी अमन कुमार की शिकायत पर सुभाष पैलेस थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। इधर कार्तिक के अगवा होते ही बदमाशों ने पचास करोड़ रुपये फिरौती की डिमांड कर दी।
लोकल पुलिस के अलावा अपराध शाखा ने भी मामले की छानबीन शुरू की। इधर लोकल व टेक्नीकल सर्विलांस के आधार पर छानबीन की गई। बदमाश कभी दिल्ली तो कभी हरियाणा व राजस्थान अपनी लोकेशन बदलकर कॉल करते रहे।
पुलिस लगातार बदमाशों के पीछे रही। इधर बदमाशों को पुलिस का पता चलते ही उन्होंने परिवार से जल्दी रुपयों का इंतजाम करने के लिए कहा। सूत्रों की मानें तो परिवार से मामला पांच करोड़ में तय हो गया।
रुपये लेकर बदमाशों ने तीन अक्तूबर को गुडग़ांव में एक टैक्सी में कार्तिक को बिठाकर उसे छोड़ दिया। इधर पुलिस का कहना है कि परिवार ने एक करोड़ रुपये की रकम बदमाशों को दी। कार्तिक के सुरक्षित घर आने के बाद पुलिस ने जांच तेजी से शुरू की।
एसीपी संजय सहरावत और इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने छानबीन जुटाना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस शुक्रवार सूचना मिली कि वारदात में शामिल कुछ बदमाश झटीकरा मोड़ के पास अपने कुछ साथियों से मिलने आने वाले हैं।
सूचना के बाद हल्की झड़प के बाद पुलिस ने आनंद, विचित्रवीर, विक्रांत शौकीन व विनोद कुमार को दबोच लिया। इनके पास से एक स्विफ्ट कार बरामद की। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली।
छह माह पूर्व बना ली गई थी कार्तिक को अगवा करने की योजना...
पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया है कि कार्तिक को अगवा करने की योजना इन लोगों ने करीब छह माह पूर्व ही बना ली थी। चारों आरोपी प्रहलादपुर-बांगर निवासी महेश के करीबी है। ज्यादातर सभी का प्रॉपर्टी या टोल टैक्स वसूली का काम है। जल्दी रुपया कमाने के चक्कर में इन लोगों ने अगवा कर फिरौती की योजना बनाई।
शंभू शर्मा के बारे में महेश ने ही आरोपियों को बताया था। उसका कहना था कि शंभू आसानी से 40-50 करोड़ रुपये दे देगा। वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस की वर्दी, फर्जी आईडी पर सिम कार्ड, स्कोर्पियो, कार्तिक को बेहोश करने के लिए नशे की दवाईयां और इंजेक्शन, वायरलैस सेट व ट्रैफिक पुलिस का नकली चालान मशीन का इंतजाम किया गया।
वारदात योजना बनाकर कार्तिक का उसके घर से ही पीछा करना शुरू कर दिया गया। बाद में सुभाष पैलेस इलाके में वारदात को अंजाम देकर कार्तिक को कभी दिल्ली तो कभी हरियाणा व राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर रखा गया। बाद में रुपये लेकर उसे छोड़ दिया गया। पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
एमएलए का चुनाव भी लड़ चुके हैं शंभू शर्मा..
शंभू शर्मा व्यवसायी होने के अलावा राजनीति से भी जुड़े हुए हैं। इनके दो स्कूलों के अलावा अस्पताल व फार्म हाउस भी हैं। शंभू शर्मा ने बुध विहार से कांगेस के टिकट पर काउंसलर भी रहे हैं।
इसके अलावा 2008 शंभू ने रिठाला से कांग्रेस के टिकट पर एमएलए का चुनाव लड़ा था। शंभू के कारोबार को देखकर ही गैंग ने कार्तिक को अगवा करने की योजना बनाई।