पूर्व पत्नी से जबरन शारीरिक संबंध, रेप
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दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व पत्नी से जबरन शारीरिक संबंध बनाने के मामले को रेप की श्रेणी में माना है। अदालत ने आरोपी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि यह उनका निजी मामला है।
अदालत ने कहा कि रेप किसी का भी निजी मामला नहीं हो सकता और ऐसे अपराध का पूरे समाज पर असर पड़ता है। न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर ने अपने फैसले में आरोपी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह किया गया था।
अदालत ने आरोपी पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए उसे यह राशि हाईकोर्ट के लीगल सेल में जमा करवाने का निर्देश दिया। मामला प्रीत विहार थाना क्षेत्र का है।
तलाक के बाद किया था सेक्स
अदालत ने कहा इसमें कोई दो राय नहीं कि दोनों का विवाह हुआ था और उसके बाद तलाक भी हो गया, लेकिन उसके बाद आरोपी ने पीड़िता से जबरन शारीरिक संबंध बनाए। ऐसे में यह मामला रेप की श्रेणी का है।
अदालत ने कहा कि मामले में पीड़िता ने शपथ पत्र सहित अदालत के समक्ष धारा 164 के बयान दर्ज करवाए हैं। इसके अलावा अभियोजन पक्ष के अधिकांश साक्ष्य दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में मामले में हस्तक्षेप का कोई मतलब ही नहीं बनता।