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फाइनेंसर की मौत बनी मिस्ट्री, हादसा और आत्महत्या में उलझी पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 09 Nov 2016 12:14 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कोसीकलां में आत्महत्या करने वाले फाइनेंस कंपनी के निदेशक निमित कुमार की मौत की मिस्ट्री हादसा और आत्महत्या के बीच में उलझ गई है। कोसीकलां पुलिस जहां आत्महत्या की बात कह रही है। वहीं, परिजन इसे हादसा बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही असलियत सामने आ पाएगी।
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ज्ञात हो कि दिल्ली के एक फाइनेंस कंपनी के निदेशक निमित कुमार की कोसीकलां में मालगाड़ी से टकराने के कारण मौत हो गई थी। वह यहां सूरजकुंड थानाक्षेत्र स्थित चार्मवुड विलेज, कैनवुड टावर सोसाइटी में परिजनों के साथ पिछले तीन साल से यहां रहते थे। उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया सोसाइटी के लेगों को भी नहीं पता है।
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सोमवार देररात मथुरा में पोस्टमार्टम होने के बाद मंगलवार को उनका शव जब सोसायटी में पहुंचा तो वहां शोक की लहर दौड़ गई। मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। मृतक के भाई नवीन कुमार ने बताया कि वह सोमवार को किसी काम से कोसीकलां गए हुए थे।
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वहां फाटक के पास गाड़ी खड़ीकर मोबाइल से बात करते हुए रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए और ट्रेन की चपेट में आ गए। वह यहां वर्ष 2013 में मां ऊषारानी, पत्नी ईरा सचदेवा और ढाई साल के बेटे लक्ष्य के साथ रहते थे। मंगलवार शाम उनका अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित कालकाजी में किया गया।
मोबाइल खोल सकता है राज
कैनवुड टावर के आरडब्ल्यूए के सदस्य गोविंद झब्बर का कहना था कि वह काफी मिलनसार किस्म के व्यक्ति थे। दिवाली के दिन सभी रेजीडेंट्स के साथ खूब मस्ती की थी। उन्होंने बताया कि सोसाइटी में 312 परिवार रहते हैं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने देरशाम सोसाइटी में शोक संवदेना व्यक्त की।
बताया जाता है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय निमित फोन पर किसी से बात कर रहा था। मालगाड़ी से टकराने के बाद मोबाइल फोन इंजन में फंस गया। जिसे ड्राइवर ने निकालकर जीआरपी को सौंपा।
जीआरपी ने फोन कोसीकलां पुलिस को सौंप दिया है। हादसे के समय निमित किससे बात कर रहे थे। बात करते समय हादसा हुआ या आत्महत्या थी, कॉल डिटेल के आधार पर इस राज से पुलिस पर्दा उठा सकती है।
बताया जाता है कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस समय निमित फोन पर किसी से बात कर रहा था। मालगाड़ी से टकराने के बाद मोबाइल फोन इंजन में फंस गया। जिसे ड्राइवर ने निकालकर जीआरपी को सौंपा।
जीआरपी ने फोन कोसीकलां पुलिस को सौंप दिया है। हादसे के समय निमित किससे बात कर रहे थे। बात करते समय हादसा हुआ या आत्महत्या थी, कॉल डिटेल के आधार पर इस राज से पुलिस पर्दा उठा सकती है।