‘फीस से परेशान होकर नहीं दी जामिया में पढ़ाई करने वाली छात्रा ने जान’
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जामिया नगर इलाके में बीडीएस की छात्रा हिना पैकर (28) की मौत मामले में पुलिस ने हत्या के दृष्टिकोण से भी छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा था।
लेकिन हिना के दोस्तों से पूछताछ के बाद पुलिस अब हत्या के दृष्टिकोण से छानबीन कर रही है। पुलिस ने हिना के मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। इधर, जामिया मिल्लिया प्रशासन ने हॉस्टल की फीस नहीं भर पाने के कारण हिना के सुसाइड करने की बात से इंकार किया है।
प्रशासन का कहना है कि छात्रा को 15 हजार रुपये छात्रवृत्ति मिलती थी। हॉस्टल की छह माह की फीस 30 हजार रुपये थी। ऐसे में फीस नहीं भरना उसके आत्महत्या करने का कारण नहीं हो सकता है।
हत्या के दृष्टिकोण से पुलिस ने शुरू की जांच
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 16 जुलाई की शाम को हिना अपने स्थानीय परिजनों के पास जाने की बात कर हॉस्टल से गई थी। उससे हॉस्टल खाली भी नहीं कराया गया था।
फीस मामले पर प्रशासन का कहना है कि पहले छह माह की फीस हिना जमा कर ही चुकी थी। अभी अगले छह माह की फीस के लिए नोटिस भी जारी नहीं हुआ था। ऐसे में फीस नहीं जमा करना उसकी मौत का कारण कतई नहीं हो सकता है।
बता दें कि मंगलवार रात को संभल, यूपी निवासी बीडीएस फाइनल ईयर की छात्रा ने अपने दोस्त गुलजार अहमद के घर में फांसी लगा ली थी। गुलजार ने पुलिस को फीस जमा नहीं करने को कारण बताया था। लेकिन पुलिस अब पुलिस उसके बयानों को संदेहास्पद मानकर जांच कर रही है।