मां से न मिल सके बेटा इसलिए जंजीरों से बांध कर रखता था पिता
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मां की ममता पाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह जेवर की किला कॉलोनी में एक मासूम पिता की बेड़ियां तोड़कर यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा जाने के लिए निकल पड़ा।
बेड़ियों सहित मासूम को यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे खड़े लोगों ने देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बेड़ियां खोलकर घर का पता पूछा तो वह डर गया और बार-बार गलत पता बताया। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने उसके पिता का पता निकालकर उसे पहुंचाया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे जेवर के मंगरौली रोड पर यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लोगों ने दस साल के मासूम के पैर में लोहे की चेन और ताला लगा देखा तो पुलिस को सूचना दी।
वह यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव टिंगरी में अपनी मां हलीमा के पास जाने के लिए निकला था। पुलिस ने बताया कि टिंगरी गांव निवासी अकबर चार-पांच माह पहले दस साल के बेटे के साथ जेवर आया था।
उसके छह बेटों में बड़ा गुजरात में नौकरी करता है। चार बेटे अपनी मां हलीमा के साथ टिंगरी में ही रहते हैं। तारिक तीसरे नंबर का है। पिता ने यहां लाकर जेवर के मदरसे में तीसरी कक्षा में एडमिशन करा दिया।
बार-बार घर से भाग जाता था मासूम
पिता ट्रैक्टर से मजदूरी करता है। बेटा मां की ममता नहीं भूल पाया और अक्सर उसके पास जाने के लिए घर से भाग निकलता। परेशान पिता ने उसे लोहे की चेन में ताला डाल बांधना शुरू कर दिया।
बृहस्पतिवार सुबह उसे खोला गया तो वह सीधा मां से मिलने के लिए भाग आया। पुलिस ने मासूम से उसका पता पूछा तो वह खुद को पलवल के मौहल्ला कुरैशियान का रहने वाला बताने लगा।
उसने दावा किया कि दो ट्रक चालक उसे पलवल से यहां लाए और सुबह यहां बंधा छोड़कर भाग गए। बाद में किसी तरह पुलिस ने उसके घर का पता लगाया।