पत्नी से फिरौती मांगने के लिए पिता ने किया अपने ही बेटे को किडनैप
- ड्रामा रचकर पिता ने ही कर दी बेटे को अगवा करने की कॉल
- आरोपी पिता ने अपनी ही पत्नी से मांगी सात लाख रुपये की फिरौती, पुलिस ने मामले से पर्दा उठाया
- आरोपी पिता गिरफ्तार,10 साल का बच्चा सकुशल बरामद, पुलिस को आरोपी के भतीजे की भी तलाश
- आरोपी के ऊपर था कर्जा, कर्जदाताओं से पीछा छुटाने के लिए आरोपी ने अपने बेटे के अगवा होने का ड्रामा रचा
- टेक्नीकल सर्विलांस के जाल में फंस गया आरोपी, पुलिस उसकी आधार पर आरोपी को दबोचा
विस्तार
सीमापुरी इलाके में कर्जदाताओं से पीछा छुड़ाने के लिए एक पिता ने दस साल के अपने ही बेटे को अगवा करने का ड्रामा रचकर फिरौती की झूंठी कॉल कर दी। लेकिन आरोपी अपने ही बुने जाल में फंस गया।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर बच्चे को मुरादाबाद से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस को आरोपी के भतीजे की भी तलाश है। आरोपी पिता की पहचान मुबारकपुर बिजनौर निवासी मोहम्मद अय्यूब (40) के रूप में हुई है।
पुलिस की मानें तो उस पर 40 हजार रुपये का कर्जा था। उनसे पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने अपने भतीजे ताजिम (25) के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। फिलहाल ताजिम फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ.अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि कलंदर कालोनी, दिलशाद गार्डन निवासी मोहम्मद अय्यूब ने 12 अप्रैल को सीमापुरी थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा अमन उर्फ कैफ (10) अचानक गायब हो गया है।
छानबीन के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इस बीच 17 अप्रैल अमन की मां अमीर जहां के मोबाइल पर फिरौती की कॉल आई।
आरोपियों ने बच्चे को छोडने के एवज में सात लाख रुपये की मांग की। परिवार ने फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी। एसीपी हरेश्वर वी. स्वामी और एटीओ सीमापुरी जोगिंद्र प्रसाद की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की।
एसीपी ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि कॉलर ने दो अलग-अलग नंबरों से अमीर जहां के अलावा अय्यूब के एक जानकार मेहंदी हसन को भी कॉल की थी।
पुलिस ने मेहंदी हसन, जिसके नाम दोनों सिम इश्यू कराए गए इसके अलावा जिस वैंडर से सिम खरीदे गए, उन्हें उठा लिया। सभी से पूछताछ के बाद पुलिस को अमन के पिता व उसके भतीजे पर शक हुआ।
पूछताछ करने में अय्यूब टूट गया। उसने बच्चे का अगवा करने की सारी योजना पुलिस को बता दी। आरोपी ने बताया कि उसने अपने भतीजे के साथ बेटे को मुबारकपुर, बिजनौर बाद में उमरी कला और संभल भेजा। पुलिस ने अमन को उमरीकला, मुरादाबाद से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अय्यूब के भतीजे ताजिम की तलाश कर रही है।
मोहम्मद अय्यूब ने क्यों रची अपहरण की साजिश...
आरोपी मोहम्मद अय्यूब ने खुलासा किया कि उसने अपने बेटे को अगवा करने की साजिश कर्जदाताओं से पीछा छुड़ाने के लिए रची। दरअस्ल अय्यूब ने रिश्तेदारों से 40 हजार रुपये उधार लिया हुआ था। अब यह लोग उससे अपने रुपये वापस मांग रहे थे।
लेकिन उनका कर्जा चुकाने के लिए अय्यूब के पास रुपये नहीं थे। ऐसे में उसने बेटे को अगवा कर फिरौती मांगने की योजना बनाई। अय्यूब का कहना है कि उसे लगता था कि ऐसा करने से कर्जदाता उससे रुपये नहीं मांगेंगे। बेटे को रिश्तेदारों के यहां भेजने के बाद आरोपी ने अपने भतीजे से अपनी पत्नी को झूंठी फिरौती की कॉल करवाई।
ऐसे आए पुलिस की गिरफ्त में आरोपी...
एसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि छानबीन के दौरान फिरौती की कॉल करने वाले नंबर की डिटेल निकलवाई गई तो पता चला कि दोनों नंबर किसी अनिल नामक शख्स के नाम पर लिये हुए हैं।
पुलिस ने अनिल व नंबर इश्यू करने वाले डीएलएफ निवासी वैंडर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अनिल ने बताया कि उसने अपनी आई सात-आठ साल पहले अय्यूब को दी थी। उस समय अय्यूब की परचून की दुकान थी।
अब वह कबाड़ी की दुकान चलाता था। इधर पुलिस ने सिम इश्यू करने वाले वैंडर को अय्यूब के परिवार की फोटो दिखाई तो उसने अय्यूब के भतीजे ताजिम को पहचान लिया। उसने बताया कि ताजिम ने ही दोनों सिम उससे इश्यू करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने अय्यूब से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।
मेहंदी हसन को फंसाने के लिए उसके नंबर पर भी करवाई कॉल...
आरोपी अय्यूब ने अपने जानकार मेहंदी हसन को फंसाने के लिए फिरौती कॉल के साथ-साथ उसके नंबर पर भी कॉल की। ताकी पुलिस उसे भी परेशान करे।
हुआ भी ऐसे ही पुलिस ने मेहंदी हसन को उठाकर उससे पूछताछ तो उसने पुलिस को बताया कि कॉलर ने उसे 10-12 बार बहुत कम समय के लिए कॉल कर काट दी।
पूछताछ में अय्यूब ने बताया कि पहली पत्नी की मौत के बाद उसने दूसरी शादी अमीर जहां से कर ली थी। लेकिन इसके बाद भी उसके मेहंदी हसन के छोटे भाई की पत्नी से अवैध संबंध थे। मेहंदी हसन इससे चिढ़ता था। उसे सबक सिखाने के लिए ताजिम से उसे कॉल करवाई।