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एक साल में ग्रैजुएशन की डिग्री देने वाले गिरोह का भंडाफोड़
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 07 Mar 2014 02:35 PM IST
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देशभर में नौकरी, शादी और विदेश भेजने के लिए नकली सर्टिफिकेट व मार्कशीट देने का गिरोह चला रहे पांच बदमाशों को पूर्वी जिला के एएटीएस (एंटी ऑटो थ्रेप्ट स्क्वायड) ने दबोचा है।
आरोपियों की पहचान जालंधर निवासी पवित्र सिंह व जितेंदर सिंह, केशवपुरम कानपुर निवासी अतुल, महाराष्ट्र निवासी सबीहा खान और बिहार निवासी रामदेव के रूप में हुई है। अखबारों और दूसरे माध्यमों से विज्ञापन देकर छात्रों को फंसाया जाता था।
आरोपी पैरा-मेडिकल में नौकरी के लिए भी फर्जी कागजात देते थे। पुलिस ने इनके पास से काफी मात्रा में फर्जी कागजात बरामद किए हैं। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी अक्षय ने न्यू अशोक नगर थाने में नकली प्रमाण पत्र दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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अक्षय ने पुलिस को बताया कि रामदेव ने उसे 12वीं पास कराने के लिए 30 हजार रुपये लिए थे। कागजात देते समय आरोपी ने उससे 12 हजार रुपये और ले लिए। बाद में जांच की तो पता चला कि आईसीएससी बोर्ड के दिए गए कागजात नकली थे।
पुलिस ने अक्षय की शिकायत पर छानबीन करके अतुल और सबीहा खान को दबोच लिया। सबीहा ने बताया कि गिरोह को जालंधर से पवित्र सिंह और उसका पार्टनर बलविंदर सिंह चला रहे हैं। इन लोगों ने आईसीएस नाम से एक संस्थान खोल रखी है।
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यह लोग 10वीं, 12वीं फेल छात्रों को पास कराने की गारंटी और एक साल में बीए या अन्य डिग्री कराने का झांसा देते थे। इसके बाद पुलिस ने जालंधर में छापा मारकर पवित्र और उसके मैनेजर जितेंदर को दबोच लिया। बलविंदर फरार हो गया। पुलिस ने रामदेव को भी दबोच लिया।
पवित्र के एजेंट पूरे देश में फैले हैं। रामदेव और सबीहा इलाके के नोडल अफसर हैं। एजेंट इनसे संपर्क करते हैं। यह आगे जालंधर से कागजात मंगवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई बोर्ड और विश्वविद्यालयों के नकली कागजात बरामद किए हैं। पुलिस गैंग के अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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आरोपियों की पहचान जालंधर निवासी पवित्र सिंह व जितेंदर सिंह, केशवपुरम कानपुर निवासी अतुल, महाराष्ट्र निवासी सबीहा खान और बिहार निवासी रामदेव के रूप में हुई है। अखबारों और दूसरे माध्यमों से विज्ञापन देकर छात्रों को फंसाया जाता था।
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आरोपी पैरा-मेडिकल में नौकरी के लिए भी फर्जी कागजात देते थे। पुलिस ने इनके पास से काफी मात्रा में फर्जी कागजात बरामद किए हैं। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर निवासी अक्षय ने न्यू अशोक नगर थाने में नकली प्रमाण पत्र दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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अक्षय ने पुलिस को बताया कि रामदेव ने उसे 12वीं पास कराने के लिए 30 हजार रुपये लिए थे। कागजात देते समय आरोपी ने उससे 12 हजार रुपये और ले लिए। बाद में जांच की तो पता चला कि आईसीएससी बोर्ड के दिए गए कागजात नकली थे।
पुलिस ने अक्षय की शिकायत पर छानबीन करके अतुल और सबीहा खान को दबोच लिया। सबीहा ने बताया कि गिरोह को जालंधर से पवित्र सिंह और उसका पार्टनर बलविंदर सिंह चला रहे हैं। इन लोगों ने आईसीएस नाम से एक संस्थान खोल रखी है।
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यह लोग 10वीं, 12वीं फेल छात्रों को पास कराने की गारंटी और एक साल में बीए या अन्य डिग्री कराने का झांसा देते थे। इसके बाद पुलिस ने जालंधर में छापा मारकर पवित्र और उसके मैनेजर जितेंदर को दबोच लिया। बलविंदर फरार हो गया। पुलिस ने रामदेव को भी दबोच लिया।
पवित्र के एजेंट पूरे देश में फैले हैं। रामदेव और सबीहा इलाके के नोडल अफसर हैं। एजेंट इनसे संपर्क करते हैं। यह आगे जालंधर से कागजात मंगवाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई बोर्ड और विश्वविद्यालयों के नकली कागजात बरामद किए हैं। पुलिस गैंग के अन्य लोगों की तलाश कर रही है।