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तिहाड़ में प्रोटेक्शन मनी के नाम पर उगाही
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 18 Jul 2014 02:35 PM IST
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नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में प्रोटेक्शन मनी नहीं देने पर विचाराधीन कैदियों से मारपीट के दो मामले अदालत के समक्ष आए हैं।
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बृहस्पतिवार को अदालत के निर्देश पर पुलिस ने एक मामले में हेड वार्डन कांस्टेबल प्रवीण व दुर्गा और विचाराधीन कैदियों विनोद, सन्नी व वीरू के खिलाफ मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाने व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, दूसरे मामले में उपाधीक्षक के खिलाफ शिकायत की गई है।
रोहिणी अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. कामिनी लॉ ने कहा कि पुलिस हिरासत में हिंसा गंभीर मुद्दा है। आश्चर्य है कि प्रशासन ने जेल में हुई मारपीट की घटना के बारे में अदालत को नहीं बताया। दोनों कैदियों के शरीर पर चोट के निशान देखते हुए पूरे मामले की जांच जरूरी है।
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उन्होंने जेल अधीक्षक को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि इन घटनाओं की जानकारी अदालत को क्यों नहीं दी गई। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और दोनों मामलों को एसीएमएम के पास भेजते हुए दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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पहला मामला डकैती से जुड़ा है। आरोपी संजय उर्फ अनिल को सुनवाई के लिए अदालत में पेश किया गया। संजय के बाएं हाथ की हड्डी टूटने के बारे में अदालत के पूछने पर उसने बताया कि जेल नंबर तीन में हेड वार्डन कांस्टेबल प्रवीण, दुर्गा व तीन विचाराधीन कैदियों विनोद, सन्नी व वीरू ने उससे प्रोटेक्शन मनी नाम पर पैसे मांगे थे जिसके न देने पर उसकी हड्डी तोड़ दी गई।
वहीं, दूसरा मामला हत्या से जुड़ा है। आरोपी अनिल को पेश किया गया। अधिवक्ता मुकेश कालिया ने अदालत को बताया कि जेल में अधिकारियों की मिलीभगत से उगाही होती है। उनके मुवक्किल अनिल को पहले अति सुरक्षा वार्ड में डाल दिया गया व फिर उससे 30 हजार रुपये की मांगे गए।
आरोप है कि अनिल ने मना किया तो उससे गले व सिर पर उपाधीक्षक जितेंद्र भार्गव के इशारे पर दो विचाराधीन कैदियों ने ब्लेड व चाकू से वार कर दिया।