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पत्नी और बेटी की हत्या के बाद इंजीनियर ने लगाया दिमाग?
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 23 Jul 2014 02:50 AM IST
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नोएडा में दोहरे मर्डर के बाद नितिन की गाड़ी का एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाग्रस्त होना क्या महज इत्तेफाक था? कासना पुलिस ने इत्तेफाकन कार जलने से हुई मौत का मामला दर्ज किया है।
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कार में ब्लास्ट के बाद आग लगना कई कहानियां बयां कर रहा है। मैकेनिकल इंजीनियर नितिन को कार के पुर्जे-पुर्जे के बारे में जानकारी थी। पुलिस कार में आग लगने और उसमें जलकर मरने वाले की पहचान को मामले की अहम कड़ी मान रही है। पुलिस का यह भी मानना है कि हो सकता है इंजीनियर ने अपने हुनर का इस्तेमाल कर गाड़ी उड़ाई हो।
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एक्सप्रेस-वे पर घटना से पहले नितिन ने अपने साले से फोन पर कहा था कि उसकी पारुल से लड़ाई हो गई थी। इसे पुलिस एक कड़ी मान रही है। वहीं, कई लोगों का कहना है कि पत्नी और बच्चे को मारने के बाद अगर उसने आत्महत्या नहीं की है तो ये कुदरत का इंसाफ है।
फ्लैट में पारुल का मोबाइल भी चकनाचूर पड़ा था और सिम भी गायब था। टेलीफोन का रिसीवर भी अलग पड़ा हुआ था। इस बीच नितिन से वे सभी रास्ते अपनाए, जिससे उसे कोई संपर्क न कर सके।
दो दिन कहां थी कार
सोसायटी में गाड़ियां साफ करने वाले प्रभुदयाल ने बताया था कि 17 से 19 जुलाई की सुबह तक नितिन की कार नहीं दिखी। हालांकि, 19 की सुबह सोसायटी में कार देखी गई थी। वहीं, बेसमेंट में कैमरा न होने के कारण पुलिस को गाड़ियों के आने-जाने का ब्यौरा नहीं मिल पाया। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कार में जला व्यक्ति नितिन था तो उसने यमुना एक्सप्रेस-वे का रास्ता क्यों चुना। यदि उसे रोहतक अपने घर जाना था तो दिल्ली में रिंग रोड के बजाए यमुना एक्सप्रेस-वे पर क्यों गया?
हत्या में एक से अधिक लोग भी हो सकते हैं शामिल
पुलिस यह भी मान चल रही है कि हो सकता है हत्या में एक से अधिक व्यक्ति शामिल हों। बुरी तरह से जले शव को परिजनों ने तुरंत ही पहचान लिया। अगर हत्या या इसके बाद कोई षड्यंत्र हुआ है तो पुलिस द्वारा कराई जा रही डीएनए जांच में इसका खुलासा हो सकता है।
फ्लैट में जाने का दूसरा रास्ता
20 जुलाई को पुलिस के पहुंचने से पहले जब नितिन के घरवाले सोसायटी में पहुंचे तो फ्लैट में ताला लगा था। मेंटिनेंस विभाग ने ताला तोड़ने से मना कर दिया था। पड़ोसियों ने बताया कि अपार्टमेंट में एक ब्लॉक की बालकनी से दूसरे ब्लॉक के फ्लैट की बालकनी जुड़ी है। दोनों के बीच में कुछ इंच की दीवार है। ई ब्लॉक के 402 नंबर के फ्लैट में जाने के लिए एफ ब्लॉक के चौथे मंजिल के फ्लैट का उपयोग नितिन के भाई ने किया था। इससे पहले ही पता चल गया था कि उसकी भाभी और भतीजी मर चुकी है।