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जेल में कैदी रहते हैं ऑनलाइन, बड़े आराम से करते हैं नशा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 21 Mar 2016 09:27 AM IST
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जेल
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माडर्न जेल भोंडसी में नशीले पदार्थ की आपूर्ति व मोबाइल के खेल का सिलिसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल में अब तक मिले मोबाइल के डिटेल से पुलिस के होश उड़े हैं। माडर्न जेल भोंडसी में एक के बाद एक मिलने वाले मोबाइल से पुलिस के होश उड़े हैं। जेल के भीतर चल रहे मोबाइल के खेल की चिंता को लेकर पुलिस आयुक्त नवदीप जेल प्रशासन को पत्र भी लिख चुके हैं।
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जेल में बीते साल हुई छापेमारी के दौरान 50 से अधिक मोबाइल मिल चुके हैं। इसके साथ ही ढाई माह के भीतर इस वर्ष 10 से अधिक मोबाइल मिले हैं। भोंडसी थाना पुलिस ने जेल प्रशासन के बयान पर मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
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जेल में मिलने वाले मोबाइल की जांच साइबर सेल के पास है। पुलिस उसके मिले डिटेल के बाद हतप्रभ है। सूत्रों की माने तो उन नंबरों के आने वाले डिटेल के आधार पर कुछ नंबर सर्विलांस पर है। जिनका संबध जेल से है। भोंडसी थाना पुलिस की ओर से जेल में बंद अपराधियों की ट्रांजिट रिमांड की तैयारी की जा रही है। जांच के दौरान उनके मोबाइल के खेल का पूरा ब्यौरा तैयार किया गया है।
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आखिर जेल में कैसे पहुंचता है मोबाइल
कमिश्ररी की पुलिस केवल यह जानने में जुटी है कि आखिर जेल में मोबाइल कैसे पहुंचता है। प्रशासन की ओर से जेल के भीतर पीसीओ खोला गया है। जिसमें कॉल करने वाले कैदी को पहले नंबर बुक कराना होता है।
जेल में कैदी रहते हैं ऑन लाइन
मोबाइल डिटेल के आधार पर पुलिस को पता चला है कि बहुत से मोबाइल में चलने वाले सिम कार्ड पर इंटर नेट का पैक रिचार्ज कराया जाता है। जिसमें उनकी ओर से वाट्सअप पर ऑन लाइन चैटिंग भी होती थी। वाट्सअप को ट्रेस कर पाने में पुलिस को थोड़ी परेशानी होती है। जिसके चलते पुलिस इस विधा का अधिक उपयोग करते थे।