शारीरिक प्रताड़ना की शिकार किशोरी को हेल्पलाइन की मदद से ऐसे छुड़ाया
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दिल्ली महिला आयोग ने मॉडल टाउन के एक घर में गैरकानूनी तरीके से बंधक 14 साल की लड़की को शुक्रवार रात मुक्त करा लिया। मूल रूप से झारखंड की रहने वाली किशोरी को महिला डॉक्टर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी।
बच्ची के शरीर पर मारने-पीटने व प्रेस से जलाने के निशान मिले हैं। मॉडल टाउन थाने में मामला दर्ज कर आरोपी डॉक्टर निधि चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। आयोग की हेल्पलाइन 181 पर एक घर में एक 14 साल की लड़की को बंधक बनाने की शिकायत मिली थी।
आयोग की टीम दिल्ली पुलिस के साथ वहां पहुंची तो किशोरी की हालत बेहद खराब थी। आयोग अध्यक्ष स्वाति जयहिंद व सदस्य सारिका चौधरी, प्रोमिला गुप्ता लड़की से मिलीं। स्वाति ने बताया कि लड़की से पूछताछ में पता चला कि उसके माता-पिता बहुत गरीब हैं।
एक प्लेसमेंट एजेंसी ने चार महीने पहले मॉडल टाउन में महिला डॉक्टर के यहां उसे काम पर रखवाया था। इन चार महीनों में किशोरी को शारीरिक व मानसिक रूप से बेहद प्रताड़ित किया गया और कैद में रखा गया। काम के बदले उसे पैसे भी नहीं मिले।
अमानवीयता पर हैरानी
स्वाति का कहना है कि डॉक्टर मालकिन किशोरी को रोज बुरी तरह पीटती थी। उसके शरीर पर काटने, खरोचने व जलाने के निशान मिले हैं। लड़की ने बताया कि मालकिन उसे गर्म प्रेस से जलाती थी और गर्म पानी भी फेंकती थी।
गुस्से में मालकिन काटती भी थी। उसकी आंखों पर कैंची से वार किया गया था। इससे आंखें सूजी हुई थीं और चोट के निशान थे। लड़की ने आयोग को बताया कि मालकिन ने उसका गला भी दबाया था। उस पर वजन तोलने वाली मशीन से वार किया गया। मालकिन उस पर थूकती थी और खाने के नाम पर दो बासी रोटी दी जाती थीं।
आयोग अध्यक्ष का कहना है कि लड़की हड्डियों का ढांचा मात्र है। महिला डॉक्टर की अमानवीय हैरान करने वाली है। आयोग लड़की के इलाज, मुआवजा दिलवाने व परिवार से मिलाने में मदद करेगा।
उन्होंने 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत करने वाले पड़ोसी को भी धन्यवाद दिया। स्वाति ने एसडीएम मॉडल टाउन से बात कर इस मामले में बाल मजदूरी की धाराएं भी रिपोर्ट में जुड़वाने का अनुरोध किया है। पुलिस ने रात में ही प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर पर भी छापा मारा।