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डबल मर्डर व गैंगरेप मामले में कार्रवाई न होने से नाखुश लोग लेंगे बड़ा फैसला 

Mon, 26 Sep 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 26 Sep 2016 12:03 AM IST
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Double murder and rape of people unhappy with the lack of action in the case would be a big decision
गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला

डबल मर्डर व गैंगरेप मामले में प्रबुद्ध लोग सोमवार को कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। बार एसोसिएशन मेवात ने मामले के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से सरकार और प्रशासन से नाखुश हैं। 

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यही नहीं पीड़ित परिवार को नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं मिलने व 300 युवाओं पर दर्ज मामले को वापस लेने के लिए दिया गया समय रविवार को समाप्त हो गया है। 
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इसे लेकर सोमवार को बार एसोसिएशन और इलाके के प्रमुख समाजसेवी, राजनेताओं की सुबह में बैठक होगी। इसमें मेवात के सभी मौजूदा और पूर्व विधायक, समाजसेवी, उलेमाओं और बार के चुनिंदा सदस्यों में 29 लोगों को बुलाया गया है। 
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बार एसोसिएशन मेवात के अध्यक्ष आबिद हुसैन ने बताया कि राजनेता और बार का प्रतिनिधिमंडल गत 7 सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से उनके चंदीगढ़ निवास पर मिला था। 

प्रतिनिधिमंडल ने सीएम के सामने जो भी मांगें रखी थी, उन सभी को सीएम ने जायज बताते हुए सभी को मंजूर कर लिया था। साथ ही कहा था कि जो मांगें रखी हैं, उन पर दो दिन में अमल हो जाएगा। 

प्रधान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने वादे के मुताबिक एक भी मांग पूरी नहीं की, बल्कि उसी दिन दो अधिकारियों को रूटीन में तबादला किया और उनको अच्छी पोस्ट पर लगाया गया है। 

उसके 13 दिन बाद युवाओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया तो सरकार ने सीबीआई की मांग पूरी की। उसके बाद अल्पसंख्यक आयोग के दबाव में आने से पहले 45 लाख का मुआवजा दिया गया। 

इस कांड के उन अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिन्होंने मामले को कमजोर बनाने की कोशिश की थी। यहां तक उन अधिकारियों का तबादला तक नहीं किया गया। 

साथ ही पीड़ितों की मांगें पूरी करने की जगह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे 300 युवाओं पर नाजायज मुकदमा दर्ज कर दिया। वहीं राजस्थान की कोबरा पुलिस ने मेवात के माहौल को बिगाड़ने के लिए निर्दोष राहगीरों पर लाठी, डंडे बरसाये और दुकानें तोड़ डाली।

 
बार एसोसिशन मेवात ने अपनी मांगों की पूर्ति के लिए सरकार को रविवार का समय दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। इस संबंध में मेवात रूम में बैठक बुलाई गई है। इसमें सरकार से अपनी मांगों को मनवाने के लिए कोई कठोर फैसला लिया जा सकता है। 

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