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हाथी के दांत से हमला कर डॉक्टर के घर में नौकर की हत्या

Sun, 27 Mar 2016 01:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 27 Mar 2016 01:50 PM IST
सार

  • सेक्टर-14 में दिनदहाड़े हुई वारदात, नेपाली मूल का था नौकर 22 साल से कर रहा था काम 
  • हाथी के दांत से नौकर के सिर पर वार कर की गई थी हत्या, हत्या के वापस रख दिया हाथी दांत

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doctors peone murder in noda
- फोटो : राजन राय

विस्तार

सेक्टर-14 में रहने वाले डॉक्टर के घर शनिवार दोपहर नेपाली मूल के नौकर की हत्या कर दी गई। पैथोलॉजी लैब से लौटने पर डॉक्टर को घर में नौकर की खून से सनी लाश मिली। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी।

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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस के मुताबिक घर के मेन हॉल में रखे हाथी दांत से नौकर के सिर पर वार करके हत्या की गई है। मौके से पुलिस को नौकर का मोबाइल फोन नहीं मिला है। सेक्टर-20 थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक पैथोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम हिंगोरानी सेक्टर-14 में सी-57 में अकेले रहते हैं। उनके साथ उनका 25 साल पुराना नेपाली मूल का नौकर जनार्दन ओझा (55) भी रह रहा था। डॉ. विक्रम का 1996 में तलाक हो चुका है।
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तलाक के बाद पत्नी पुणे में रह रही हैं। उनकी कोई संतान नहीं है। सेक्टर-22 ए ब्लॉक में स्काईलैब नाम से पैथ लैब चलाने वाले डॉ. विक्रम के पास काम करने वाले पैथोलॉजिस्ट कृष्ण कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह 9:45 पर डॉ. विक्रम लैब में पहुंच गए थे।

इसके बाद वह दोपहर 12:30 बजे अपनी ऑडी गाड़ी से घर के लिए निकले। करीब 1 बजे के बीच वह घर पर पहुंचे। घर पर नौकर की लाश देखकर उन्होंने सबसे पहले मुझे फोन किया।

फोन पर उन्होंने बताया कि घर का गेट खुला पड़ा था और मेन डोर भी खुला था। अंदर हॉल में जनार्दन की लाश पड़ी हुई थी। इसके बाद वह डॉ. विक्रम  के घर पहुंचे। तब तक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।

हत्या के बाद लाश को दरवाजे के पास से हटाने के लिए कुछ खींचा भी हुआ था। हत्या के बाद हाथी दांत को फिर से उसी जगह रख दिया गया, जहां से उठाया गया था। हॉल में उस जगह को छोड़कर कहीं भी सामान बिखरा हुआ नहीं है या झगड़ा होने जैसी हालत नहीं है।

मेन गेट की चाबी भी लाश के पास भी पड़ी हुई थी। वहीं जनार्दन के दिल्ली में रहने वाले ममेरे भाई महेश पंत ने बताया कि यहां रहते हुए जनार्दन ने कभी किसी तरह की परेशानी के बारे में नहीं बताया। वह डॉक्टर साहब के पास अच्छे से रह रहा था। इसी वजह से उनका आपस में मिलना जुलना भी काफी कम था।

यूपी के चीफ फॉरेस्ट कंजरवेटर रहे हैं डॉक्टर के पिता 
डॉ. विक्रम के पिता बी एच हिंगोरानी आईएफएस अधिकारी थे और यूपी के चीफ  फॉरेस्ट कंजरवेटर रहें हैं। पिता की 1992 में मौत के बाद मां का 1996 देहांत हो गया था।

मां की मौत से पहले ही उनकी पत्नी 1996 में ही उनसे अलग हो गईं थी। डॉ. विक्रम की दो बहनें हैं। एक बहन गुड़गांव में रहती है, उनके पति एयरफोर्स से रिटायर्ड अधिकारी हैं। जबकि दूसरी बहन वसंत कुंज में रहती है, उनके पति आर्मी से रिटायर हैं।

पड़ोसियों ने कहा, वारदात के वक्त भौंका था डॉगी 
पुलिस ने बताया कि जिस वक्त वारदात हुई है, घर में बंधा जर्मन शैफर्ड भौंका था। पड़ोसियों ने बताया कि वह समझे कि डॉगी यू ही भौंक रहा है। लगता है कि उसी वक्त बदमाश घर में घुसे थे।

पुलिस को यह भी शक है कि हो सकता है कि लूट के इरादे से बदमाश घुसे हों और विरोध होने पर फरार हो गए हों। या फिर डॉगी के भौंकने पर वह डर कर भाग गए हों।

संभावना व्यक्त की जा रही है कि नौकर के जानने वाले भी हो सकते हैं, कहीं नेपाल से कोई रंजिश का मामला तो नहीं है, उस बारे में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। 


डॉक्टर की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। सबसे पहले घर में वही दाखिल हुए हैं, उनका भी बयान लिया जाएगा। फिलहाल हत्या के मोटिव के बारे में कुछ साफ  नहीं आ पाया है। जांच लूट या रंजिश दोनों एंगल से की जा रही है।- डॉ. गौरव ग्रोवर, एएसपी  

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