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एके-47 बनाने वालों का भंडाफोड़

Sat, 07 Jun 2014 05:18 AM IST
Updated Sat, 07 Jun 2014 05:18 AM IST
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Delhi police special cell busted inter state illegal gun trading gang

राजधानी में पकड़ी गई हथियारों की इस खेप ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। विशेष पुलिस आयुक्त (स्पेशल सेल) एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान सबसे ज्यादा परेशान करने वाली यह बात सामने आई कि इस धंधे के बड़े खिलाड़ी हथियार बनाने वाले कारीगरों को यहां लाकर दिल्ली में ‘मिनी मुंगेर’ बनाने की तैयारियों में लगे हुए हैं।

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क्योंकि वहां हथियार बनाकर यहां लाने में काफी अड़चनें आती हैं। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है। पकड़े गए बदमाशों का कहना है कि एके-47 सिर्फ ऑर्डर पर बनाई जाती है। वह इसे ढाई लाख में लाए थे और यह पश्चिमी यूपी के हाईप्रोफाइल गैंगस्टर को 2.80 लाख से तीन लाख में बेची जाती।

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ऑपरेशन मुंगेर में मिली सफलता

Delhi police special cell busted inter state illegal gun trading gang

श्रीवास्तव ने बताया कि  कुछ सालों में पकड़े गए अवैध हथियारों की जांच में ये बात सामने आ रही थी कि ज्यादातर हथियार मुंगेर, बिहार से आ रहे हैं। इनकी सप्लाई पर नजर रखने के लिए इंस्पेक्टर शिवकुमार व मनोज दीक्षित की विशेष टीमें बनाई गई थीं और इन लोगों ने ‘ऑपरेशन मुंगेर’ पर काम करना शुरू किया।

टीमों ने 16 जुलाई को दो तस्कर निरंजन मिश्रा और मो. फिरोज को पकड़ा था। इनके कब्जे से 99 पिस्टल बरामद की गई थीं। पूछताछ में ये बात सामने आई थी कि मुजफ्फरनगर का शामिम अवैध हथियारों का मुख्य रिसीवर है। अवैध हथियार मंगाकर ये दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में सप्लाई करता है।

खुद जाता था शामिम

Delhi police special cell busted inter state illegal gun trading gang

पुलिस के अनुसार, गांव बिलासपुर, मुजफ्फरनगर निवासी शामिम पुत्र असगर वर्ष 1996 में टाइल्स का काम करने सऊदी अरब गया था। करीब डेढ़ वर्ष बाद वह लौट आया। करीब सात वर्ष पहले दोस्त अरशद ने उसे अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले हाजी जाहिरूद्दीन से मिलवाया था।

गरीबी के चलते वह अवैध हथियार का धंधा करने लगा। शामिम ने हाजी से अवैध हथियार खरीदे और बदमाशों को बेचे। बाद में हाजी ने उसे मुंगेर में अवैध हथियारों के कारीगर मांजी से मिलवा दिया। इसके बाद ये दोस्त विजयपाल को साथ लेकर मुंगेर से अवैध हथियार लाने लगा। गांव आदर्श कॉलोनी, मुजफ्फरनगर निवासी विजयपाल की वर्ष 2007 में आदर्श नगर रुड़की, उत्तराखंड निवासी प्रियंका से शादी हुई थी।

मार्च, 2013 में उसने टाटा इंडिगो कार खरीदी और उसे टैक्सी के रुप में चलाने लगा। शामिम ने उसे मोटी रकम का लालच दिया। शामिम के साथ विजयपाल मुंगेर से अपनी ही गाड़ी में अवैध हथियार लाने लगा। इसी गाड़ी से ये पश्चिमी यूपी में अवैध हथियारों की सप्लाई भी करते थे। वहीं, मो. तस्लीम साउथ सिविल लाइंस मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

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