चलता रहा एमआरआई, मशीन से बाहर निकली मासूम बच्ची की लाश
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तिलक नगर इलाके में एमआरआई करवाने के दौरान दो साल की बच्ची की मौत हो गई। परिवार वालों ने लैब के कर्मचारी पर बेहोशी की दवा का ओवरडोज देने का आरोप लगाया है। परिजनों ने तिलक नगर थाने में एक शिकायत दी है और डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है।
पाखी (2) परिजनों के साथ विपिन गार्डन में रहती थी। पिता नितिन एक निजी कंपनी में काम करते हैं। नितिन ने बताया कि बृहस्पतिवार को बेटी की आंख टेढ़ी लग रही थी।
इससे पूर्व उसे बुखार भी हुआ था। इसलिए बच्ची को शुक्रवार को एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए, जहां डॉक्टरों ने एमआरआई करवाने की सलाह दी।
बच्ची को मशीन से बाहर निकाला तो वह अचेत थी
परिजन बच्ची को लेकर तिलक नगर मेट्रो स्टेशन के पास स्थित स्टार इमेजिंग एंड पैथ लैब पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, बच्ची को बेहोशी की दवा देकर मशीन पर ले जाया गया। करीब पचास मिनट तक उसका एमआरआई किया गया।
लेकिन जब बच्ची को मशीन से बाहर निकाला तो वह अचेत थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हार्टअटैक से मौत हो गई है।
लेकिन परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत बेहोशी की दवा के ओवरडोज से हुई है। उसने बच्ची की मौत के कारण को जानने के लिए डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होगा और उसके बाद ही कोई मामला दर्ज किया जाएगा।