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नैनीताल घूमने गए कारोबारी की मौत

Mon, 02 Feb 2015 08:30 AM IST
अमर उजाला, वैशाली
अमर उजाला, वैशाली Updated Mon, 02 Feb 2015 08:30 AM IST
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Death of the business around Nainital.

गाजियाबाद से कार्बेट नेशनल पार्क भ्रमण पर गए वैशाली के कारोबारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने पर्यटक के साथियों को घटना के बाबत पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

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वहीं, सूचना पर मृतक के परिजन भी रामनगर पहुंच गए, जिन्होंने शव की स्थिति देखने के बाद हत्या की आशंका जताई है। मामला पर्यटकों से जुड़ा होने के कारण फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट ने भी मौका मुआयना किया।
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बैलपड़ाव चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने बताया कि गाजियाबाद वैशाली सेक्टर-5 अपार्टमेंट सुपरटेक 507 नंबर निवासी संदीप सक्सेना (22) पुत्र प्रदीप कुमार सक्सेना शनिवार को अपने छह अन्य दोस्तों के साथ कार्बेट नेशनल पार्क भ्रमण पर आया था।
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वह अपने घर का इकलौता चिराग था। संदीप का पूरा ग्रुप बैलपड़ाव के कार्बेट जंगल कैंप रिजॉर्ट में ठहरा था। शनिवार देर रात तक छह दोस्त एक कमरे में अंताक्षरी खेल रहे थे, जबकि एक दोस्त अमित दूसरे कमरे में था।

खेल के बीच में ही संदीप कमरे से बाहर गया और काफी देर तक नहीं लौटा। इस पर उसके दोस्तों ने खोजबीन की तो वह कमरे की बालकनी से नीचे मुंह के बल गिरा था।

रिजॉर्ट कर्मी एवं साथी उसे पहले बैलपड़ाव अस्पताल लाए, इसके बाद वह अपनी गाड़ी जायलो (एचआर 38एस/1420) से रामनगर संयुक्त अस्पताल लाए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद उसके साथी अस्पताल से लापता हो गए। घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन ने कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने अस्पताल से लापता हुए संदीप के साथियों की तलाश शुरू की और कुछ देर बाद उन्हें हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

तभी रात करीब दो बजे संदीप के फोन से उसके साथी अमित ने संदीप के पिता प्रदीप कुमार सक्सेना को घटना की जानकारी दी। इस पर संदीप के पिता एवं अन्य परिजन रविवार सुबह रामनगर पहुंच गए।

उन्होंने बेटे को देख घटना को संदिग्ध बताते हुए रिजॉर्ट में घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में पर्यटक की मौत के मामले में पुलिस ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट डा. दयाल शरण की टीम को भी मौके पर बुलाया, जिन्होंने कमरे के अंदर से साक्ष्य एकत्र किए।

सूचना पर सीओ मिथिलेश कुमार, कोतवाल कैलाश पंवार, बैलपड़ाव चौकी इंचार्ज जसविंदर सिंह ने पुलिस कर्मियों के साथ मौका मुआयना किया। फिलहाल पुलिस ने पर्यटक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कोतवाल कैलाश पंवार के अनुसार संदीप अपने कमरे की बालकनी से असंतुलित होकर बाहर की ओर गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई, लेकिन संदीप के शरीर पर किसी प्रकार की चोट का निशान न होने के कारण परिजनों को पुलिस की यह कहानी गले नहीं उतर रही है।

परिजनों ने संदीप की हत्या की आशंका जताई है। खबर लिखे जाने तक तहरीर नहीं दी गई है।

पापा खाना खा लिया है अब सोने जा रहा हूं
संदीप ने शनिवार रात 10 बजे अपनी मम्मी से फोन पर बात की। इस दौरान नीति आयोग में संयुक्त निदेशक संदीप के पिता आफिस के कार्य से जयपुर (राजस्थान) गए थे, जिनकी रात 11 बजे संदीप से बात हुई तो फोन में नेटवर्क की खराबी के चलते फोन कट गया।

पिता ने अपने फोन से बेटे से बात की तो बेटे ने कहा-पापा यहां ठंड बहुत है, हमने खाना खा लिया है और अब सोने जा रहे हैं। कल सुबह कार्बेट पार्क की सफारी करने के बाद हम वापस आ जाएंगे। क्या पता था कि यह इकलौते पुत्र की आखिरी कॉल होगी। अस्पताल पहुंच बेटे को देख वह बदहवास हो गए।

बेसुध बहन के लब खामोश
भाई की मौत की खबर सुनकर घर पर मौजूद बहन सोनल सक्सेना के आंसू थम नहीं रहे हैं। बहन सोनल का विवाह हो चुका है।

वह चार्टेड अकाउंटेंट हैं। सोनल का कहना था कि घटना के बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना है। पड़ोसियों ने बताया कि संदीप की शॉप्रिक्स मॉल में कंप्यूटर हार्डवेयर की शॉप है, जहां पिता भी बैठते हैं।


शॉप्रिक्स मॉल से 7 महीने पहले ही बंद कर दी शॉप!
जहां पड़ोसियों का कहना था कि संदीप की शॉप्रिक्स मॉल में कंप्यूटर हार्डवेयर की शॉप है, वहीं मॉल के कारोबारियों ने बताया कि उसने सात महीने पहले ही शॉप बंद कर दी थी। बहरहाल, परिवार के लोगों ने संदीप के संबंध में जानकारी देने से मना कर दिया।

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