नोटबंदी के बाद एटीएम कार्ड से ठगी की वारदात में बढ़ोतरी
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नोटबंदी के बाद ठगी के मामले में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। खासकर ठग एटीएम का इस्तेमाल करने वालों को अपना निशाना बना रहे हैं। ठग उनके अकाउंट में सेंध लगाकर नकदी पर हाथ साफ कर रहे हैं। एटीएम बंद होने की धमकी देकर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
हालांकि, इस तरह की घटनाओं पर रोकथाम के लिए बैंक और पुलिस की ओर से लगातार विज्ञापन के जरिये लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बावजूद ऐसी घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है।
नोटबंदी के बाद से राजधानी में दर्जनों ऐसे मामले सामने आ गए हैं, जिसमें एटीएम और पिन नंबर की जानकारी हासिल कर ठग ग्राहकों के अकाउंट में डाका डाल रहे हैं। ठग ऐसे लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं जो एटीएम के बारीकियों से अनभिज्ञ हैं। ठगी के ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि बदमाश फर्जी पते पर लिए गए फोन नंबर का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
इन तरीकों के इस्तेमाल से ठगे जा रहे हैं लोग
ठग कई तरीकों को अपनाकर लोगों के अकाउंट से नकदी निकाल रहे हैं। सबसे पहले वह एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को कार्ड बंद होने की धमकी देते हैं। फिर उन्हें चालू रखने के लिए उनके कार्ड नंबर और पिन नंबर की जानकारी हासिल करते हैं और इस प्रक्रिया के दौरान ग्राहक के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नंबर को भी हासिल कर लेते हैं।
इसी तरह से एक ऐसा गैंग भी सक्रिय है जो क्रेडिट कार्ड बनाने का झांसा देकर उनसे दो चेक लेते हैं और फिर चेक के जरिये पीड़ित के अकाउंट में सेंध लगाते हैं। ठगों का गैंग कई लोगों से आरबीआई कर्मचारी बनकर उन्हें अकाउंट अपडेट करने की बात कहते हैं और इस बहाने उनसे सारी जानकारी हासिल कर घटना को अंजाम देते हैं। इसके अलावा कार्ड पर बोनस मिलने की बात कहकर भी ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।
बचाव के लिए उठाए गए कदम
ठगी से ग्राहकों को बचाने के लिए बैंक अपनी ओर से विज्ञापन देकर उनको जागरूक करते हैं। बैंक से संबंधित कोई भी नंबर को किसी भी अनजान शख्स नहीं देने की सलाह देते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह भी एटीएम में पोस्टरों के जरिये ग्राहकों को जागरूक करते हैं। उन्हें अंजान लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।