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बच्चे गिड़गिड़ाए, मालिक-मालकिन कराते हैं मसाज

Mon, 17 Nov 2014 01:35 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Mon, 17 Nov 2014 01:35 AM IST
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Children pleaded, offering massage businessman.

कविनगर की पॉश कालोनी में रविवार को उद्यमी की कोठी से दो लड़कियों समेत चार बच्चे मुक्त कराए गए। इनकी उम्र 8 से 14 साल के बीच है। बच्चों का आरोप है कि उन्हें प्रताड़ित किया जाता था।

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मालिक-मालकिन उनसे मसाज कराते थे। विरोध पर मारपीट और हाथों पर गर्म तेल डाला जाता था। भागने की कोशिश पर कुत्तों से कटवाने की धमकी दी जाती थी।

बच्चे इस कदर आतंकित थे कि कोठी में पहुंचे दरोगा के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाने लगे और वहां से ले जाने की प्रार्थना करने लगे।

मोदीनगर के एनजीओ जन कल्याण विकास शिक्षण समिति के महासचिव अरुण कुमार ने सिहानी गेट कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें उद्यमी एके सूद, उनकी पत्नी, बेटे और बेटी को नामजद किया है।
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उत्पीड़न, बंधक बनाकर रखने और पोक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। ये बच्चे अरविंद नाम के एजेंट के माध्यम से यहां आए थे।

सीओ द्वितीय रणविजय सिंह ने बताया कि मोदीनगर के एनजीओ की सूचना पर पुलिस ने कविनगर ए-ब्लाक कोठी नंबर 33 में रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे छापेमारी की।

कोठी के मालिक एके सूद की बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र में पेंट और थिनर की फैक्ट्री है। छापेमारी के दौरान कोठी के बाहर गार्ड हरि सिंह और ड्राइवर योगेश थे। उद्यमी का परिवार भी घर पर नहीं है।
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जैसे ही पुलिस टीम कोठी में पहुंची तो दो बच्चे दरोगा के पैरों में गिर गए और कोठी से ले जाने की विनती करने लगे। दो लड़कियां और मिलीं। ये बच्चे बनारस, बरेली और शाहजहांपुर के हैं।

14 वर्षीय लड़की चार दिन पहले यहां लाई गई। 8 वर्षीय बच्चा एक माह पहले, 10 वर्षीय बच्चा एक साल पहले, 13 साल की लड़की आठ माह पहले यहां लाई गई। यह लड़की मंदबुद्धि बताई जा रही है।

बच्चों ने बताया कि अरविंद ठेकेदार उनके माता-पिता से उन्हें यहां लेकर आया था। पड़ोसियों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व रात को कोठी मालिक गार्ड और ड्राइवर पर चिल्ला रहा था। एक बच्चा कोठी से बाहर चला गया था, जिसे ढूंढकर लाया था।

ऐसे हुआ खुलासा
एनजीओ के अध्यक्ष विकास त्यागी ने बताया कि उन्हें एक सप्ताह पहले बच्चों को बंधक बनाकर रखने की सूचना मिली थी, जिसे पुुष्ट करने के लिए उनकी एनजीओ के सदस्य वेश बदलकर कोठी के आसपास कई दिन घूमे, पुष्टि होने पर रविवार सुबह एसएसपी से मिले और फिर पुलिस के साथ छापेमारी की।

विरोध पर प्रताड़ना
8 साल के बच्चे ने बताया कि एक दिन मसाज से मना करने पर मालकिन ने उसके मुंह में लाल मिर्च भर दी थी। उसे धक्का देकर फर्श पर गिराया था, जिससे उसके सिर में चोट लगी थी। 10 साल केबालक ने बताया कि उसके हाथ पर गर्म तेल डाला गया था, उसके हाथ पर जलने के निशान हैं।

सीसीटीवी से मिल सकते हैं सुराग
कोठी के अंदर सीसीटीवी कै मरे लगे हुए हैं। पुलिस और एनजीओ का कहना है कि आरोपियों की करतूत सीसीटीवी कैमरों में कैद हो सकती है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है।

ऐसे आए पकड़ में
एनजीओ पदाधिकारियों ने बताया कि बच्चों को उन्होंने फोटो खींचने को मोबाइल दिया था। बच्चों के काम करते घर के अंदर के फोटोग्राफ खींचने पर एनजीओ वालों ने मोबाइल वापस ले लिया।


श्रम विभाग देगा नोटिस
श्रम विभाग के इंस्पेक्टर लालता प्रसाद ने बताया कि पहले कोठी मालिक को नोटिस भेजा जाएगा, जवाब न देने पर दो दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

कोठी मालिक दिल्ली में
सीओ द्वितीय ने बताया कि कोठी मालिक के मोबाइल पर दरोगा ने बात की थी। दरोगा को उसने बताया कि वह दिल्ली में है, उसका बेटा सिंगापुर से आ रहा है, उसे एयरपोर्ट पर रिसीव करने आया है।

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