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बीस से अधिक भूमाफिया पुलिस के रडार पर, नामी बिल्डर गिरफ्तार
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:30 AM IST
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गिरफ्तार
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भूमाफिया और धोखेबाज बिल्डरों के खिलाफ शुरू किया गया पुलिस आयुक्त सुभाष यादव का अभियान उनके जाने के बाद कहीं ढीला पड़ जाए। पांच माह पहले शुरू किए गए इस अभियान में एक नामीगिरामी बिल्डर कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार हो चुका है जबकि बीस से अधिक कथित भूमाफियाओं पर गिरफ्तारी और कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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नवागत पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी इस अभियान को चालू रख पाएंगे या नहीं बुद्धिजीवी और राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा छिड़ी हुई है।
सीपी सुभाष यादव ने करीब पांच माह पहले जमीन जायदाद की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच में एक टीम गठित की थी।
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इस टीम ने पीड़ितों की शिकायत पर नहरपार के बीस से अधिक बिल्डर और भूमाफियाओं को चिह्नित किया और उनके खिलाफ सुबूत जुटा कर कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने कुछ दिन पहले ही नहरपार में एक बड़े बिल्डर को गिरफ्तार किया था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह बिल्डर सत्तापक्ष के नेताओं का खास है। टीम अब बीस अन्य बिल्डरों के खिलाफ गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ही रही थी कि पुलिस आयुक्त सुभाष यादव का तबादला हो गया।
राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि तबादले की वजह बिल्डर की गिरफ्तारी और कथित भूमाफियाओं पर शिकंजा कसना है। तबादले को स्पेशल केस बताया जा रहा है।
चर्चा तो यह भी है कि सीपी सुभाष यादव के तबादले के साथ ही बिल्डरों पर कार्रवाई रुक सकती है। माना जा रहा है कि बिल्डरों के खिलाफ जारी किए गए इस अभियान को जारी रखना नए पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी के लिए भारी चुनौती होगी।
डेढ़ सौ से अधिक शिकायतें
पुलिस आयुक्त कार्यालय के मुताबिक पिछले पांच माह में नहरपार इलाके के डेढ़ सौ से अधिक लोग जमीन, प्लॉट बेचने में धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज करवा चुके हैं।
ज्यादातर शिकायतें एक ही जमीन कई लोगों को बेचे जाने की हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक ही जमीन का कई लोगों को बैनामा कराने में बिल्डरों को सहयोग करने वाला एक वकील भी रडार पर है।
पूरा भुगतान होने के बावजूद कब्जा न देना, बैनामा किसी और जमीन का कब्जा कहीं और दिलाना, समय सीमा बीतने के बावजूद जमीन प्लॉट पर कब्जा न देना आदि शिकायतें प्रमुख हैं।