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ब्लाइंड मर्डर केस सुलझा : नेपाली गैंग ने लूटने के बाद की थी दिनेश की हत्या

Tue, 27 Sep 2016 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 27 Sep 2016 09:41 AM IST
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blind murder case solve: nepali gang killed dinesh
नेपाली गैंग - फोटो : अमर उजाला

रेवाड़ी की वाईकेके कंपनी के कर्मचारी दिनेश ठाकुर की हत्या बदमाशों ने उसके बैंक खाते के 1.67 लाख रुपये हड़पने की नीयत से की थी। एटीएम कार्ड से एक दिन में अधिकतम 25 हजार रुपये ही निकल सकते थे। यदि दिनेश ठाकुर को जिंदा छोड़ा जाता तो वह कार्ड ब्लॉक करवा देता इसलिए उसकी हत्या की गई थी। मालूम हो कि दिनेश ठाकुर का लहूलुहान शव 21 अगस्त की सुबह सूरजकुंड रोड पर सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला था।

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डीएलएफ क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर जयबीर ने बताया कि दिनेश ठाकुर की हत्या नेपाली गैंग के आर्य उर्फ सब्बी, अर्जन उर्फ बच्चन, संतोष, प्रकाश उर्फ सेते और नीरज निवासीगण नेपाल ने लूटने की नीयत से की थी। मालूम हो कि 20 अगस्त को शनिवार की छुट्टी होने के बाद दिनेश ठाकुर रेवाड़ी स्थित कंपनी से मोहाली स्थित अपने घर जाने के लिए निकला था।
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कंपनी की कैब ने उसे गुड़गांव के राजीव चौक पर उतार दिया था। यहां सवारियों को लूटने की फिराक में अपनी कैब लेकर खड़े आरोपियों ने उसके साथ एक और युवक को बैठा लिया। युवक को पीट कर उसके 1700 रुपये छीन कर उसे घाटा मोड़ पर उतार दिया था। दिनेश ठाकुर से रुपये छीनने के बाद बदमाशों ने उसके एटीएम का पासवर्ड पूछा। एटीएम में खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें 1.67 लाख रुपये पड़े थे।
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बदमाशों ने कैब में ही दिनेश के शरीर पर रॉड आदि से वार कर उसे मरणासन्न कर दिया था। इसके बाद गला घोंटकर हत्या कर उसे सड़क किनारे झाड़ियों में डाल कर भाग गए थे। हत्यारों की तलाश में जुटी डीएलएफ क्राइम ब्रांच ने पाया कि दिनेश ठाकुर का एटीएम इस्तेमाल कर खाते से धन निकाला गया है। टीम ने एटीएम की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो नेपाली कद काठी के युवक को धन निकालते हुए पाया।


दूसरे यात्री की वजह से सुलझा केस
दिनेश ठाकुर के साथ ही लूट का शिकार हुए दूसरे युवक ने गुड़गांव पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। युवक ने पुलिस को बताया कि बदमाश नेपाली लग रहे थे और उनके पास मैक्सी कैब थी। पुलिस ने कॉल सेंटर की मैक्सी कैब चलाने वाले नेपाली लड़कों से पूछताछ की तो आर्य उर्फ सब्बी, अर्जन उर्फ बच्चन, संतोष, प्रकाश उर्फ सेते और नीरज के बारे में जानकारी मिली। पीड़ित के इन पांचों की पहचान करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। तफ्तीश में जुटी डीएलएफ टीम को नेपाली गैंग के बारे में पता चला तो उन्हें पकड़ा। पांचों ने मौज मस्ती के लिए लूटपाट करने की बात कुबूल की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने दिनेश का मोबाइल फोन, बैग व अन्य सामान बरामद किया है।

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