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बंसल खुदकुशी मामले में दिल्ली पुलिस पर दबाव, FIR के लिए कानूनन बाध्य

Thu, 29 Sep 2016 12:05 AM IST
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज बेनीवाल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Sep 2016 12:05 AM IST
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Bansal suicide pressure on Delhi Police, FIR legally bound
bk bansal - फोटो : सोशल मीड‌िया

कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय के डीजी बीके बंसल व उसके बेटे योगेश बंसल की खुदकुशी मामले में दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई का जबर्दस्त दबाव है। पिता-पुत्र के सुसाइड नोट में सीबीआई के पांच अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, जिन पर प्रताड़ित करने का आरोप है।

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कानून के जानकारों के मुताबिक, यह एक संज्ञेय अपराध है। इसलिए पुलिस एफआईआर के लिए कानूनन बाध्य है। पुलिस पर एफआईआर कर जांच करने और सीबीआई अधिकारियों की भूमिका तय करने की जिम्मेदारी है।
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पुलिस को इस मामले में खुदकुशी के लिए विवश करने संबंधी धारा (306) में जल्द एफआईआर करनी चाहिए, ताकि साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो सके और गवाहों को प्रभावित नहीं किया जा सके।

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‘एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस कानूनन बाध्य’

Bansal suicide pressure on Delhi Police, FIR legally bound
bk bansal - फोटो : bk bansal

अधिवक्ता दीपक शर्मा के मुताबिक, मौलाना आजाद मेडिकल रेप केस मामले में पुलिसकर्मी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उस मामले में कोई परिजन या अन्य व्यक्ति एफआईआर करवाने सामने नहीं आया था। 

दिल्ली पुलिस के विशेष अधिवक्ता रहे राजीव मोहन का कहना है कि पुलिस को इस मामले में एफआईआर करनी पड़ेगी। पिता-पुत्र के सुसाइड नोट में सामने आए अधिकारियों के खिलाफ जांच व उनके पूछताछ करनी पड़ेगी। इस मामले में किसी शिकायतकर्ता के होने की जरूरत नहीं है।

सिख दंगा मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल शर्मा की राय थोड़ी अलग है। उनके मुताबिक पुलिस को सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ व साक्ष्य की पड़ताल करनी पड़ेगी। इसके लिए शिकायतकर्ता के सामने आने और शिकायत देने की जरूरत है। उसके बिना पुलिस एफआईआर नहीं कर सकती।

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