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बीटेक छात्र हत्याकांड : गर्लफ्रेंड और फैमिली पर रिपोर्ट
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 15 Nov 2015 01:05 AM IST
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बीटेक छात्र मयंक (21) की हत्या का आरोप गर्लफ्रेंड और उसके डॉक्टर पिता पर ही आ गया है। मयंक के पिता ऊधम सिंह ने कुल चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सुपारी किलर से हत्या कराए जाने का उन्होंने दावा किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मयंक को एक ही गोली लगी है, जो तमंचे से सटाकर चलाई गई। गोली गर्दन में लगकर पीछे से निकल गई। आरोपी गर्लफ्रेंड पुलिस हिरासत में है।
शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन मयंक के शव को जहांगीराबाद ले गए। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। अवैध संबंधों के एंगल पर भी जांच की जा रही है।
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आरोपी युवती खुद को बेकुसूर बता रही है और हमलावरों के बारे में जानकारी से इनकार कर रही है। उसके परिजन भी विजयनगर थाने पहुंचे और बताया कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं।
बता दें कि जहांगीराबाद के रोगनग्रान मोहल्ला निवासी मयंक (21) की हत्या शुक्रवार रात की गई थी। वह गर्लफ्रेंड के साथ संतोष मेडिकल कॉलेज के पास चाचा सोहनवीर की कार में बैठा था।
उसकी गर्लफ्रेंड भी जहांगीराबाद की रहने वाली है। वह एमबीबीएस की कोचिंग ले रही है। मयंक भोपाल में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था।
बेटी से दूर रहना...नहीं तो जान से मार दूंगा
‘घटना एक साल पहले की है। युवती का पिता गन प्वाइंट पर मयंक को घर से उठाकर अपने घर ले गया था। उसके मुंह में रिवाल्वर डालकर धमकी दी थी कि आइंदा बेटी से दूर रहना नहीं तो जान से मार दूंगा। तब मोहल्लेवालों ने सुलह कराई थी।’
यह दावा है मयंक के पिता ऊधम सिंह का। उन्होंने यह बात एफआईआर में भी लिखी है और दावा किया कि उनका बेटा लड़की और उसके पिता की साजिश का शिकार हुआ है।
मयंक और उसकी गर्लफ्रेंड का सात साल से अफेयर था। दोनों अलग-अलग जाति के हैं। पहले युवती का परिवार जहांगीराबाद में ही मयंक के घर में किराए पर रहता था।
मयंक और लड़की एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों परिवारों को इनकी लव स्टोरी का पता था। पुलिस सूत्र के अनुसार, मयंक को डायबिटीज थी। यदि युवती मिलने से इंकार करती थी तो इंसुलिन न लेने की बात कहकर दबाव बनाता था।
युवती ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को उसे पिता ने टैक्सी से निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन भेजा था। निजामुद्दीन स्टेशन से उसने मयंक को कॉल की। वह बुलंदशहर से गाजियाबाद आ रहा था।
उसने मिलने के लिए कहा तो मयंक ने उसे चाची के घर आने के लिए कहा। वह रिजर्वेशन कैंसल कर टैक्सी से गाजियाबाद आई थी। संतोष मेडिकल कॉलेज के पास पहुंचकर उसने मयंक की चाची रजनी को कॉल की।
रजनी संतोष मेडिकल के पास पहुंची और उसे लेकर प्रताप विहार स्थित अपने घर गई। इसके बाद मयंक भी वहां पहुंच गया। रजनी के घर से दोपहर दो बजे दोनों निकले।
युवती को उसके पिता ने की थी छह बार कॉल, नहीं हुई रिसीव
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शाम को युवती को उसके पिता ने छह बार कॉल की, लेकिन उसने कॉल पिक नहीं की।
युवती का सामान पुलिस को मयंक की चाची के घर पर मिला। शनिवार रात पुलिस ने मयंक की चाची से भी पूछताछ की, फिर उन्हें छोड़ दिया।
जहांगीराबाद में ताला लगाकर आरोपी फरार
बीटेक छात्र मयंक का शव शनिवार को जैसे ही मोहल्ला रोगनग्रान स्थित उसके घर पहुंचा, मोहल्ले में कोहराम मच गया। मयंक के आवास पर भीड़ इतनी थी कि उसके शव को घर के बाहर निकालकर खुले में रखना पड़ा।
युवती के परिजन अपने प्रतिष्ठान और मकान बंद कर भागे हुए हैं। मयंक के पिता ऊधम सिंह ने बताया कि अगर वह एक साल पहले मयंक को युवती के पिता द्वारा दी गई धमकी की घटना पर सुलह न करते तो शायद उनके पुत्र की हत्या नहीं होती।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मयंक को एक ही गोली लगी है, जो तमंचे से सटाकर चलाई गई। गोली गर्दन में लगकर पीछे से निकल गई। आरोपी गर्लफ्रेंड पुलिस हिरासत में है।
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शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन मयंक के शव को जहांगीराबाद ले गए। एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने बताया कि कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। अवैध संबंधों के एंगल पर भी जांच की जा रही है।
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आरोपी युवती खुद को बेकुसूर बता रही है और हमलावरों के बारे में जानकारी से इनकार कर रही है। उसके परिजन भी विजयनगर थाने पहुंचे और बताया कि उन पर लगे आरोप झूठे हैं।
बता दें कि जहांगीराबाद के रोगनग्रान मोहल्ला निवासी मयंक (21) की हत्या शुक्रवार रात की गई थी। वह गर्लफ्रेंड के साथ संतोष मेडिकल कॉलेज के पास चाचा सोहनवीर की कार में बैठा था।
उसकी गर्लफ्रेंड भी जहांगीराबाद की रहने वाली है। वह एमबीबीएस की कोचिंग ले रही है। मयंक भोपाल में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था।
बेटी से दूर रहना...नहीं तो जान से मार दूंगा
‘घटना एक साल पहले की है। युवती का पिता गन प्वाइंट पर मयंक को घर से उठाकर अपने घर ले गया था। उसके मुंह में रिवाल्वर डालकर धमकी दी थी कि आइंदा बेटी से दूर रहना नहीं तो जान से मार दूंगा। तब मोहल्लेवालों ने सुलह कराई थी।’
यह दावा है मयंक के पिता ऊधम सिंह का। उन्होंने यह बात एफआईआर में भी लिखी है और दावा किया कि उनका बेटा लड़की और उसके पिता की साजिश का शिकार हुआ है।
मयंक और उसकी गर्लफ्रेंड का सात साल से अफेयर था। दोनों अलग-अलग जाति के हैं। पहले युवती का परिवार जहांगीराबाद में ही मयंक के घर में किराए पर रहता था।
मयंक और लड़की एक ही स्कूल में पढ़ते थे। दोनों परिवारों को इनकी लव स्टोरी का पता था। पुलिस सूत्र के अनुसार, मयंक को डायबिटीज थी। यदि युवती मिलने से इंकार करती थी तो इंसुलिन न लेने की बात कहकर दबाव बनाता था।
युवती ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को उसे पिता ने टैक्सी से निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन भेजा था। निजामुद्दीन स्टेशन से उसने मयंक को कॉल की। वह बुलंदशहर से गाजियाबाद आ रहा था।
उसने मिलने के लिए कहा तो मयंक ने उसे चाची के घर आने के लिए कहा। वह रिजर्वेशन कैंसल कर टैक्सी से गाजियाबाद आई थी। संतोष मेडिकल कॉलेज के पास पहुंचकर उसने मयंक की चाची रजनी को कॉल की।
रजनी संतोष मेडिकल के पास पहुंची और उसे लेकर प्रताप विहार स्थित अपने घर गई। इसके बाद मयंक भी वहां पहुंच गया। रजनी के घर से दोपहर दो बजे दोनों निकले।
युवती को उसके पिता ने की थी छह बार कॉल, नहीं हुई रिसीव
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शाम को युवती को उसके पिता ने छह बार कॉल की, लेकिन उसने कॉल पिक नहीं की।
युवती का सामान पुलिस को मयंक की चाची के घर पर मिला। शनिवार रात पुलिस ने मयंक की चाची से भी पूछताछ की, फिर उन्हें छोड़ दिया।
जहांगीराबाद में ताला लगाकर आरोपी फरार
बीटेक छात्र मयंक का शव शनिवार को जैसे ही मोहल्ला रोगनग्रान स्थित उसके घर पहुंचा, मोहल्ले में कोहराम मच गया। मयंक के आवास पर भीड़ इतनी थी कि उसके शव को घर के बाहर निकालकर खुले में रखना पड़ा।
युवती के परिजन अपने प्रतिष्ठान और मकान बंद कर भागे हुए हैं। मयंक के पिता ऊधम सिंह ने बताया कि अगर वह एक साल पहले मयंक को युवती के पिता द्वारा दी गई धमकी की घटना पर सुलह न करते तो शायद उनके पुत्र की हत्या नहीं होती।