नोटबंदी में गई नौकरी तो बनाया ठग गैंग, ‘स्पेशल-26’ फिल्म स्टाइल में करने लगे वारदात
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एसपी सिटी सलमान ताज ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में गैंग का सरगना ताहिर उर्फ सौरभ चौधरी निवासी जाफराबाद और रईस निवासी बी ब्लॉक पुरानी सीमापुरी दिल्ली हैं। पुलिस ने पासपोर्ट बनवाने का ट्रैप लगा कर दोनों आरोपियों को बुधवार रात कोतवाली थाना क्षेत्र के शहीद पार्क के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सौरभ ने बताया कि उसने स्नातक तक पढ़ाई की है। वह दिल्ली में ही एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद उसकी नौकरी चली गई थी। दूसरी नौकरी नहीं मिलने पर उसने ठगी करने शुरू कर दी।
फिल्म देखकर आया था आइडिया
सौरभ ने बताया कि वह ठगी से पहले रेकी कर ऐसे लोगों के बारे में पता लगाता था, जो अवैध धंधे करते हैं। वह खुद को पुलिसकर्मी बता कर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी देता था। अवैध धंधे में लिप्त होने के कारण लोग उसकी बात मान लेते थे और उसे रुपये देकर सेटलमेंट कर लेते थे।
कई बार वह लोगों को डराने के लिए पुलिस अफसरों के दफ्तर और थानों के आसपास तक लेकर भी जाता था। इसके अलावा यह गैंग पासपोर्ट आदि दस्तावेज भी झांसा देता था। आरोपियों ने बताया कि हाल ही में उन्होंने कोतवाली थाना क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से करीब एक लाख रुपये की ठगी की थी।
पांच बार देखी थी स्पेशल 26 मूवी
पुलिस इस गैंग की तलाश में थी, मगर ये हत्थे नहीं चढ़ रहे थे। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस ने जाल बिछाया, जिसके तहत एक पुलिसकर्मी ने आम व्यक्ति बता कर इनसे पासपोर्ट बनवाने के लिए संपर्क किया। कहा कि उसे फर्जी आईडी पर पासपोर्ट बनवाया है। इन्होंने उससे 50 हजार रुपये मांगे। इन्हें रुपये लेने के बहाने बुलाया गया और दबोच लिया गया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि दोनों ने अक्षय कुमार की ‘स्पेशल-26’ मूवी पांच बार देखी थी, जिससे वह काफी प्रभावित थे। ऐसे में जब उसे दूसरी नौकरी नहीं मिली तो उसने इसी आइडिया पर कार्य किया और अपनी ‘स्पेशल पुलिस टीम’ बनाकर ठगी करने लगा।