{"_id":"ecbfb6bf7efe0d3e3d5d2d18bd826252","slug":"50-lakh-cheated-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 50 लाख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगे 50 लाख
अमर उजाला, इंदिरापुरम
Updated Fri, 05 Dec 2014 01:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे में टिकट चैकर की नौकरी दिलाने के नाम पर दर्जनभर से अधिक लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी कर चुके नटवर लाल को पुलिस ने धरदबोचा है। आरोपी एक राजनीतिक दल के यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष है।
मंत्रियों को माला पहनाते हुए खींची गई फोटो दिखाकर वह लोगों को जाल में फंसाता था और इसके बाद नौकरी लगवाने का ख्वाब दिखाकर उनसे लाखों रुपये ठग लेता था।
इतना ही नहीं आरोपी ने एक पीड़ित मुन्नू को फर्जी टिकट चैकर बनाकर उससे 25 दिन तक कई रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग कराई। ठग के पास से लग्जरी कार और रेलवे के फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर मिले हैं।
पुलिस ने मुरादाबाद निवासी मुन्नू सिंह की शिकायत पर आरोपी को इंदिरापुरम बुला धर दबोचा। बकौल एसओ इंदिरापुरम मुन्नू फरवरी 2013 में एक जानकार के माध्यम से न्यायखंड निवासी ठग ज्ञानेश कुमार चौहान से मिला था।
विज्ञापन
ज्ञानेश ने रेलवे में नौकरी दिलवाने के लिए मुन्नू से साढ़े सात लाख रुपये मांगे थे। पीड़ित ने गांव की जमीन बेचकर 7 लाख रुपये ज्ञानेश को दिए थे।
विज्ञापन
मंत्रियों को माला पहनाते हुए खींची गई फोटो दिखाकर वह लोगों को जाल में फंसाता था और इसके बाद नौकरी लगवाने का ख्वाब दिखाकर उनसे लाखों रुपये ठग लेता था।
इतना ही नहीं आरोपी ने एक पीड़ित मुन्नू को फर्जी टिकट चैकर बनाकर उससे 25 दिन तक कई रेलवे स्टेशनों पर चेकिंग कराई। ठग के पास से लग्जरी कार और रेलवे के फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर मिले हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने मुरादाबाद निवासी मुन्नू सिंह की शिकायत पर आरोपी को इंदिरापुरम बुला धर दबोचा। बकौल एसओ इंदिरापुरम मुन्नू फरवरी 2013 में एक जानकार के माध्यम से न्यायखंड निवासी ठग ज्ञानेश कुमार चौहान से मिला था।
विज्ञापन
ज्ञानेश ने रेलवे में नौकरी दिलवाने के लिए मुन्नू से साढ़े सात लाख रुपये मांगे थे। पीड़ित ने गांव की जमीन बेचकर 7 लाख रुपये ज्ञानेश को दिए थे।