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नेट बैंकिंग से 14.5 लाख की धोखाधड़ी

Wed, 23 Apr 2014 10:00 PM IST
Updated Wed, 23 Apr 2014 10:00 PM IST
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14.5 lakhs fraud by net banking

गृह मंत्रालय के रिटायर्ड अधिकारी के बैंक खाते की डिटेल पता कर नेट बैकिंग के माध्यम से खाते से साढ़े चौदह लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकालने के एक आरोपी को साइबर सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है।

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पुलिस ने उनके पास से साढ़े तीन लाख नकद, साढ़े पांच लाख की एफडी, एक दर्जन मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, फजी पेनकार्ड व वोटर कार्ड बरामद किए हैं।
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पुलिस को इस मामले में एक और युवक की तलाश है। जिसने रिटायर्ड अधिकारी से संपर्क कर उनकी बीमा किस्त पूरी होने पर बोनस का चेक आने के नाम पर बैंक की डिटेल व दस्तावेज हासिल किए थे।
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ऐसे किया बड़ा खेल

14.5 lakhs fraud by net banking

एसपी क्राइम भारती सिंह ने बताया कि 15 मार्च को सेक्टर-36 के सी ब्लाक में रहने वाले गृह मंत्रालय से रिटायर्ड अधिकारी (डीजीएम) नरेश चंद्र गुप्ता ने थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके यूनियन बैंक खाते से चौदह लाख पैतीस हजार रुपये नेट बैंकिंग के जरिए किसी रितेश कुमार सिंह के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।

वहीं उनके दूसरे खाते से सोलह हजार रुपये निकाले गए हैं। इस दौरान उनके मोबाइल फोन का सिम ब्लॉक करा ठगों ने दूसरा सिम इश्यू करा लिया था। जिससे उनको रुपये निकासी की जानकारी नहीं हो सकी।

शिकायत मिलने पर मामले की जांच साइबर सेल ने शुरू की।

बोनस का लालच देकर लिए डॉक्यूमेंट

14.5 lakhs fraud by net banking

साइबर सेल के इंसपेक्टर ज्ञानेन्द्र कुमार की अगुवाई में टीम ने प्रताप विहार गाजियाबाद के एक मकान पर मंगलवार की रात छापा मार कर रुपये निकालने वाले आरोपी रितेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से नकदी, एफडी, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, आठ सिमकार्ड, एक दर्जन मोबाइल फोन, विभिन्न लोगों के फोटोग्राफ बरामद किए।

पूछताछ में उसने बताया कि रिटायर्ड अधिकारी के खातों की जानकारी उसकेसाथ बीमा कंपनी के कॉल सेंटर में काम कर चुके फराना थाना खुर्जा देहात जिला बुलंदशहर निवासी विनय कुमार ठाकुर ने दी थी। उसे पता था कि रिटायर्ड अधिकारी की एक बीमा पालिसी पूरी होने वाली है।

जिसके बाद उसे दस लाख रुपये से ज्यादा की रकम मिलेगी। उस रिटायर्ड अधिकारी से बीमा पालिसी के संबंध में विनय की बातचीत होती रहती थी। उसने एक पॉलिसी का बोनस आने की बात कहते हुए उनके बैंक खाते की जानकारी के साथ-साथ ओरिजनल दस्तावेज ले लिए थे। उसी के माध्यम से उनके खाते से एक साइबर कैफे जाकर आरटीजीएस कर रितेश के खाते में रकम ट्रांसफर कर ली थी। पुलिस को विनय की तलाश है।

ठगी के धंधे में भी सीनियर जूनियर

14.5 lakhs fraud by net banking

रितेश उर्फ संजय सिंघानिया उर्फ सोनू उर्फ नितेश सिंह ने ठगी कर रिटायर्ड अधिकारी केखाते से निकाली गई रकम में से विनय कुमार ठाकुर को मात्र साढ़े तीन लाख रुपये दिए थे।

रितेश ने विनय को कम रकम देने का कारण उसका जूनियर होना बताया था। जिस कॉल सेंटर में दोनों जॉब करते थे उसमें रितेश उसका सीनियर था। इसलिए ठगी के धंधे में भी जूनियर व सीनियर का भेदभाव किया।

गिरफ्तार रितेश ने पुलिस को बताया कि ठगी की रकम से उसने एक बीमा कंपनी का आर टू आर नाम से कॉल सेंटर खोलने की तैयारी की थी। इसके लिए उसने लालकुआं गाजियाबाद में एक आफिस खोला था और ठगी की रकम से उस आफिस का फर्नीचर खरीदा था। जल्द ही उस आफिस की ओपनिंग करने वाला था।

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