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10 साल बाद फिर सुलगी दुश्मनी की चिंगारी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 15 May 2014 02:11 PM IST
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कपिल यादव की हत्या के बाद गांव में 10 साल बाद दुश्मनी की चिंगारी सुलगने से ग्रामीण हतप्रभ है। लोगों में गिरफ्तार आरोपी और उसके साथियों को लेकर बुधवार को दिन भर कानाफूसी चलती रही।
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परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे रिश्तेदार, ग्रामीण आने वाले समय को लेकर आशंकित दिखाई दिए। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, घर के बड़े बुजुर्ग पुलिस द्वारा किए खुलासे को सही मान रहे हैे।
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ग्रामीण मानसिंह, दिलावर और लीले ने बताया कि वर्ष 2004 में विनोद यादव केभाई संजय यादव की हत्या ने दो पक्षों में दुश्मनी की चिंगारी सुलगाई थी। संजय के बाद दूसरे पक्ष में रामबीर यादव की हत्या ने आग में घी का काम किया।
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दोनों पक्षों से एक-एक व्यक्ति की मौत और कोर्ट द्वारा दोनों पक्षों में समझौता कराने पर लोगों को लगा था कि दुश्मनी का यह सिलसिला खत्म हो गया है, मगर इस हत्याकांड के बाद अब फिर से दुश्मनी की चिंगारी सुलग गई है।
गांव में साधारण युवक की तरह घूमने वाले कुक्कू पर किसी न कभी शक भी नहीं किया था कि वह 10 साल बाद मामा की हत्या का बदला लेगा। परिजनों का कहना था कि कुक्कू सपा नेता विनोद यादव की हत्या की फिराक में लगा था। भारी सुरक्षा के कारण दाव नहीं लगा रहा था।
कुक्कू को कई बार कपिल केघर के आसपास अज्ञात युवक से साथ घूमते, विवादित प्लाट की वीडियो ग्राफी करते देखा गया था। उन्होंने बताया कि गांव में चर्चा है कि कुक्कू के रिश्तेदार ने कुछ दिन पूर्व 9 एमएम के कारतूस खरीदकर कुक्कू को दिए थे। कपिल के दादा रामपाल सिंह से पुलिस कार्रवाई को सही बताया उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की सही जांच कर रही है।
कपिल हत्याकांड के आरोपी कोर्ट में पेश
कपिल हत्याकांड के चारों आरोपियों को बुधवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। आरोपी सचिन यादव के अधिवक्ता नरेश यादव ने अपने मुव्वकिल की जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।
कपिल हत्याकांड के आरोपी सचिन यादव, दिव्यांश उर्फ कुक्कू, प्रिंस और रोहित को दोपहर करीब सवा 12 बजे सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। अधिवक्ता नरेश यादव ने अपनी मुव्वकिल की पैरवी करते हुए कहा कि सचिन यादव को पुलिस ने इस केस में फर्जी फंसाया है।
अधिवक्ता का कहना था कि सचिन यादव आरटीआई कार्यकर्ता है। उसने पुलिस विभाग के खिलाफ भी कई आरटीआई लगा रखी हैं। इसी के चलते पुलिस उससे रंजिश मानती है। उसे पूर्व से ही झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती रही है।
इसके अलावा पुलिस के पास ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे आधार पर उसे जेल भेजा जाए। नरेश यादव ने यह भी कहा कि पुलिस ने सचिन यादव को 12 मई की शाम चौकी पर पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके बाद उसे नजरबंद कर लिया गया। अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग
कपिल हत्याकांड के आरोपी सचिन यादव ने सीजेएम कोर्ट में एसएचओ कविनगर और लाल कुआं चौकी प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश पारित करने को अर्जी दी है।
अपने अधिवक्ता के माध्यम से दी गई अर्जी में सचिन ने कहा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे करंट लगाकर टार्चर किया। रात भर मारपीट की गई। आरोपी सचिन यादव की मां गीता देवी की ओर से भी एक प्रार्थना पत्र एसएसपी को भेजा गया है। इसमें गीतादेवी ने अपने बेटे सचिन यादव को फर्जी फंसाने का आरोप लगाया है।