खुद को नाइजीरिया का प्रिंस बताकर कर डाली डेढ़ करोड़ की ठगी
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खुद को नाइजीरिया का प्रिंस बताकर 50 से अधिक लोगों से डेढ़ करोड़ ठगने वाले तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शुक्रवार रात केरल पुलिस ने ग्रेटर नोएडा पुलिस की मदद से सिग्मा-थ्री के मकान से इन्हें दबोच लिया।
इनका एक साथी मौका पाकर छत से कूदकर फरार हो गया। ये प्रिंस बनकर लोगों को विश्वास में लेते थे और लॉटरी खुलने का सपना दिखाकर अपने बैंक अकाउंट में लाखों रुपये ट्रांसफर करा लेते थे।
साइबर पुलिस स्टेशन त्रिवेंद्रम के इंस्पेक्टर ओए सुनील ने बताया कि केरल के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले 20 से अधिक लोगों ने ठगी की शिकायत की थी। इनसे कुल 1 करोड़ रुपये से ज्यादा ठगे गए थे।
30 फर्जी एकांउट, 30 मोबाइल 130 सिम बरामद
फोन कॉल और अन्य सूत्रों के माध्यम से मामले की छानबीन की गई तो ठगी करने वालों की लोकेशन कासना कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर सिग्मा-3 में मिली। स्थानीय पुलिस और आरडब्ल्यूए के सहयोग से देर रात सेक्टर के मकान नंबर ए-102 में छापा मारा गया, जहां पर चार युवक दिखाई दिए।
इनमें से एक युवक को पुलिस के आने की भनक लग गई जो भाग निकला। पकड़े गए युवकों पहचान नाइजीरिया निवासी चेरिस, विक्टर और ओबिजाउला के रूप में हुई है। तीनों को शनिवार को जिला सत्र न्यायालय गौतमबुद्ध नगर में पेश करके केरल पुलिस साथ लेकर रवाना हो गए। आगे की कार्रवाई त्रिवेंद्रम में होगी। आरोपी कंपनी का कॉरपोरेट ऑफिस इंग्लैंड से लेकर नीदरलैंड तक बताते थे। इनके लिए काम करने वाले लोग भी इनका जमकर बखान करते थे।
मौके से बरामद सामान
चार लैपटॉप, 30 मोबाइल फोन, 135 सिम कार्ड, इंटरनेट के लिए 10 डोंगल, करीब 5000 रुपये।
30 फर्जी बैंक अकाउंट भी मिले
पुलिस जांच में पूर्वोत्तर राज्यों के अलग-अलग बैंकों में 30 अकाउंट फर्जी पाए गए हैं। इन खातों की पुख्ता जानकारी बैंक के पास भी नहीं है। जांच में अकाउंट के सभी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए हैं।
पूर्वोत्तर की युवतियां चलाती हैं नेटवर्क
केरल पुलिस के सब इंस्पेक्टर सजी कुमार ने बताया कि छह माह के दौरान इस प्रकार की यह तीसरी कार्रवाई है। इससे पहले दिल्ली से दो कांगो और 5 नाइजीरिया के युवकों के अलावा एक एमबीए बिहार के युवक को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को गिरफ्तार हुए तीन अन्य युवकों को मिलाकर अब तक 11 लोग पकड़ जा चुके है। सभी के नेटवर्क आपस में जुड़ा है। इनकी टीम में लड़कियां भी काम कर रही हैं, जो अभी पकड़ से बाहर हैं।
नाइजीरिया के युवकों से पूछताछ में पता चला है कि इनका नेटवर्क सबसे ज्यादा असम, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और मिजोरम में फैला हुआ है। वहां की युवतियां लोगों को फोन कर लाखों रुपये की लॉटरी निकलने की सूचना देती हैं, लेकिन इससे पहले टैक्स के नाम पर बताए गए बैंक अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराती हैं।
पैसे आने के बाद बाद कुछ दिनों तक नाइजीरिया से पैसे आने में समय लगने की बात कहती हैं। इसके कुछ दिन बाद बैंक अकाउंट, फोन नंबर और सारे सूत्र बंद हो जाते हैं। जरूरत पड़ने पर लड़कियां खुद पीड़ित से मिलने उनके पास जाकर पैसे ले आती हैं। इसके अलावा कुछ एमबीए युवक भी इनकी टीम में काम करते हैं, जो खुद को बैंक मैनेजर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का बताकर लोगों से लॉटरी और टैक्स देने के नाम पर मनी ट्रांसफर कराते हैं।