इंसानियत शर्मसार: बेटे को खोने के गम में जी रहे बुजुर्ग दंपती को दर्द देकर चला गया नकली दोस्त, पढ़ें मामला
जानकारी के मुताबिक 78 साल की रेहाना अपने लकवाग्रस्त पति 82 साल के जफर अली के साथ जहांगीरपुरी बी ब्लॉक में रहती है। उनका बेटे सैयद जुल्फिकार का 2024 में हार्टअटैक से निधन हो चुका है। रेहाना ने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले एक व्यक्ति उनके घर आया और खुद को उनके दिवंगत बेटे का दोस्त बताने लगा।
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दिल्ली के जहांगीरपुरी में इंसानियत और भरोसे को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। जिस बेटे को खोने का दर्द एक बुजुर्ग मां-बाप आज तक नहीं भुला पाए थे, उसी बेटे का दोस्त बनकर एक बदमाश उनके घर में दाखिल हुआ।
कई दिनों तक अपनापन दिखाकर उसने बुजुर्ग दंपती का भरोसा जीता, उनके दुख में हमदर्द बनता रहा और फिर उसी विश्वास को हथियार बनाकर उन्हें नशीला जूस पिला दिया। बेहोशी की हालत में असहाय पड़े बुजुर्ग दंपती से आरोपी लाखों के गहने और नकदी लूटकर भाग गया।
उनके होश आने पर परिवार को इस खौफनाक साजिश का पता चला। जानकारी के मुताबिक 78 साल की रेहाना अपने लकवाग्रस्त पति 82 साल के जफर अली के साथ जहांगीरपुरी बी ब्लॉक में घर के भूतल पर रहती है। उनका बेटे सैयद जुल्फिकार का 2024 में हार्टअटैक से निधन हो चुका है। उनकी बहू और पोता पोती पहली मंजिल पर रहती है। दूसरी मंजिल पर किरायेदार रहती है।
रेहाना ने बताया कि करीब 15-20 दिन पहले एक व्यक्ति उनके घर आया और खुद को उनके दिवंगत बेटे का दोस्त बताने लगा। इसके बाद वह अकसर घर आने लगा और खाने-पीने का सामान भी लेकर आता था। रेहाना के मुताबिक 10 मई की शाम करीब 6.30 बजे वह व्यक्ति फिर घर आया। वह अपने साथ अनार का जूस लेकर आया था। उसने उन्हें जूस पिलाया। जूस पीते ही उन्हें चक्कर आने लगे।
इसी दौरान आरोपी ने कहा कि वह उनके बेटे का दोस्त नहीं बल्कि चोर है और यही उसका काम है। इसके बाद उसने रेहाना के हाथों में पहनी चार सोने की अंगूठियां उतर ली। फिर अलमारी से लाखाें के गहने और तकिए के नीचे रखे पर्स से करीब 25 से 30 हजार रुपये निकाल लिए।