Delhi Crime: पश्चिमी विहार में बिल्डर की हत्या की गुत्थी सुलझी, पिस्टल नहीं देने पर की गई थी हत्या
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पश्चिमी विहार में हुई बिल्डर की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि बिल्डर अमित गोयल अवैध हथियार सप्लाई करता था।
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पश्चिमी विहार में दिनदहाड़े हुई बिल्डर की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए दो आरोपी बेगमपुर निवासी दीपांशू उर्फ दीपक और भूपेंद्र को गिरफ्तार किया है। ये काला साहूवासिया गिरोह के सदस्य हैं। बिल्डर अमित गोयल अवैध हथियार सप्लाई करता था। उसने दस लाख रुपये लेने के बावजूद दो पिस्टल नहीं दी थी। उल्टा वह धमकाने लग गया था। इस कारण उसकी हत्या की गई है।
अपराध शाखा के डीसीपी रोहित मीणा के अनुसार, पश्चिमी विहार में दो जुलाई को करीब पौने तीन बजे बिल्डर अमित गोयल ऑफिस से बाहर निकले। तभी एक युवक ने उन पर फायरिंग कर दी। बिल्डर को गोली मारने के बाद बिल्डर टोएटा कोरोला कार से फरार हो गया। बाद में पुलिस को कार लावारिस हालत में मिली थी। जांच में पता लगा कि बिल्डर अमित गोयल आर्म्स एक्ट के दो केसों में शामिल रहा है। वह पश्चिमी विहार स्थित होटल रेडिसन ब्लू में पार्टनर था। गैंगस्टर भूपेंद्र उर्फ मोनू दरियापुर का सहयोगी रहा अमित गोयल ने बाद में अपने होटल के शेयर बेच दिए थे। बिल्डर को वर्ष 2017 में डीआरआई ने एक विदेशी नागरिक के साथ 25 ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली, यूपी, हरियाणा में इंपोर्ट किए गए स्वचालित हथियार बदमाशों को सप्लाई करता था।
एसीपी उमेश बड़थ्वाल की टीम को सूचना मिली थी कि बिल्डर की हत्या में दीपांशु का हाथ है। पुलिस ने दीपांशु व उसके दोस्त भूपेंद्र को सेक्टर-दो, रोहतक हरियाणा से नौ जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। दीपांशु शर्मा ने पुलिस को देखकर कार से भागने की कोशिश की थी। मूलरूप से रेवाडी, हरियाणा निवासी दीपांशु ने वर्ष 2017 में सुरेश पहलवान का अखाड़ा ज्वाइन किया। यहां ये खिलावन से मिला। खिलावन ने उसे नवदीप नंबरदार से मिलवाया। खिलावन की प्रदीप कासनी से रंजिश थी। वर्ष 2015 में प्रदीप कासनी के कहने पर उसके साथियों ने दीपांशु पर हमला किया था। इसके अगले साल प्रदीप कासनी ने खिलावन की हत्या कर दी। इस कारण दीपांशु और प्रदीप कासनी की दुश्मनी हो गई। खिलावन, नवदीप और कालू ने प्रदीप कासनी के भाई संदीप कासनी की हत्या की थी, इसी का बदला प्रदीप कासनी ने खिलावन की हत्या कर लिया था। खिलावन ने ही दिपांशु को दादरी के गैंगस्टर काला साहूवासिया से मिलाया था।
दीपांशु फाइनेंसर से मिला
दीपांशु बहादुरगढ़ के मनोज पंडित नामक फाइनेंस से मिला। दीपांशु ने भी अपने पैसे उसके पास लगा दिए। प्रदीप कासनी ने वर्ष 2017 में काला साहूवासिया की हत्या कर दी थी। इसके बाद गिरोह की कमान उसके भाई पंकज साहूवासिया ने संभाल ली थी। पंकज ने दीपांशु को भूपेंद्र से मिलवाया था। भूपेंद्र ने किसी अमित की हत्या कर दी थी। इस केस में भूपेंद्र को उम्र कैद की सजा हुई थी। जेल में बंद भूपेंद्र की जान-पहचान बिल्डर अमित गोयल से हुई। वर्ष 2021 में कोरोना में भूपेंद्र जेल से बाहर पैरोल पर आ गया।
बिल्डर से पिस्टल मांगी थी
दीपांशु को पता लगा कि प्रदीप कासनी जेल से बाहर आने वाला है। ऐसे में भूपेंद्र ने दीपांशु के लिए हथियारों को बंदोबस्त करने के लिए उसे बिल्डर अमित गोयल के पास ले गया। अमित गोयल ने तीन लाख रुपये लेकर एक पिस्टल दे दी। इसके बाद दीपांशु ने नवदीप से दस लाख रुपये लेकर अमित गोयल ने दो पिस्टल और मांगी। बिल्डर पिस्टल देने की बजाय उल्टा धमकाने लग गया था। ऐसे में दीपांशु ने अमित की हत्या की साजिश रच ली। इसमें बागपत के सुमित का सहयोग लिया। बापरौल गांव के सौरभ से एक लाख रुपये में 29 जून को कोरोला कार खरीदी और अमित गोयल की रैकी करना शुरू कर दिया। दो जुलाई को सुमित कोरोला से ज्वालाहेड़ी बाजार पहुंचा और इसके बाद अमित को पांच गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। दीपांशु साथ में था। अमित को उसी पिस्टल से गोली मारी थी जो उससे तीन लाख में खरीदी थी।