उधार के जूते पहनकर बनाई टीम इंडिया में जगह
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आर्थिक तौर पर कमजोर होने के बावजूद परिश्रम के बल पर अनुरीत ने क्रिकेट की इंडिया-ए टीम में जगह पक्की कर ली है। उन्होंने उधार के जूते पहन कर ये मुकाम हासिल किया है।
रेलवे से रणजी खेलने वाले अनुरीत का चयन आस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ है। सेक्टर-34 बिलाबोंग स्कूल स्थित दिल्ली वंडर्स के दो खिलाड़ियों का चयन बुधवार को आस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ है।
अनुरीत सिंह का चार दिवसीय मैचों और उन्मुक्त चंद का वन-डे मैचों के लिए चयनित किया गया है।
किट के लिए नहीं थे पैसे
गली मोहल्ले से क्रिकेट की शुरूआत करने वाले अनुरीत को शुरुआत में आर्थिक तौर पर तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा। पिता के पास अपने बेटे को प्रशिक्षण दिलाने और क्रिकेट का सामान खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। लेकिन क्रिकेट के जुनून और मेहनत के बल पर अनुरीत ने इंडिया-ए टीम में जगह पक्की कर ही ली।
चयन के बाद अनुरीत ने कहा कि मां-बाप आर्थिक तौर से जितना कर सकते थे, उससे कहीं अधिक किया। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई ऐसे मौके आए जब दूसरे खिलाड़ियों के सामान से क्रिकेट खेली।
जूते नहीं खरीद पाने पर मुरली कार्तिक ने मुझे अपने जूते दिए, जिनसे मैंने मैच खेला और अभ्यास किया। अपनी सफलता का श्रेय देते हुए अनुरीत ने कहा कि मां-बाप के अलावा कोच फूलचंद और संजय बांगर ने काफी सहयोग दिया। कोच फूलचंद ने कभी प्रशिक्षण से जुड़ी समस्या नहीं आने दी।