{"_id":"5a510c334f1c1bfc0f8b7f67","slug":"craze-of-tennis-is-decreasing-day-by-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेहतर सुविधाओं के बाद भी शहर में सिमट रहा टेनिस का दायरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेहतर सुविधाओं के बाद भी शहर में सिमट रहा टेनिस का दायरा
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 07 Jan 2018 09:56 AM IST
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tennis ground
- फोटो : लाल सिंह
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स्टेडियम में कोचिंग कर रहे टेनिस खिलाड़ियों का भविष्य सिमटता जा रहा है। 2013 से अब तक टेनिस को लेकर कोई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन नहीं किया जा सका है। खिलाड़ियों की संख्या घटती जा रही है।
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वर्तमान में यहां आर्यन टेनिस अकादमी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही है। अकादमी की कार्यशैली को लेकर डिस्ट्रिक्ट टेनिस एसोसिएशन कई बार प्राधिकरण सीईओ से शिकायत कर चुका है। यही नहीं हाल ही में एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को भी मामले से अवगत कराया।
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नोएडा स्टेडियम में इंटरनेशनल मानकों को आधार मानकर टेनिस कोर्ट बनाया गया। 2000 में डिस्ट्रिक्ट टेनिस एसोसिएशन को इसकी जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान कई बेहतरीन खिलाड़ी यहां से निकले।
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स्थानीय, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कई प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। 2013 में डिस्ट्रिक्ट टेनिस एसोसिएशन से यह जिम्मेदारी छीन ली गई। इसकी जिम्मेदारी आर्यन अकादमी को दी गई। जिसके बाद से प्राधिकरण में शिकायतें शुरू हो गई।
आरोप है कि 2013 के बाद से टेनिस का एक भी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता यहां आयोजित नहीं की गई। इसकी शिकायत एसोसिएशन द्वारा प्राधिकरण से की गई। बावजूद इसके दोबारा आर्यन अकादमी को ही टेनिस की जिम्मेदारी सौंपी गई।
फिलहाल इस मामले को लेकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। हालांकि प्राधिकरण, एसोसिएशन व आर्यन अकादमी के बीच बने विवाद से टेनिस खिलाड़ियों का भविष्य अधर में जाता दिख रहा है। हसन अली डीयू में टेनिस खेल रहे हैं। वह सेक्टर-22 में रहते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर खले रहे हसन ने बताया कि 2013 के बाद कुछ दिनों तक वह स्टेडियम में खेलने गए। इसके बाद वहां जो सुविधाएं व कोचिंग दी जा रही थी। वह सही ढंग से नहीं मिल रही थी। लिहाजा उन्होंने नोएडा स्टेडियम में खेलना बंद कर दिया। फिलहाल वह दिल्ली में कोचिंग ले रहे हैं।
क्या कहते हैं खिलाड़ी
एसोसिएशन के जाने के बाद से यहां सुविधाएं नदारद हैं। ऐसे में अच्छी कोचिंग के लिए दिल्ली से प्रशिक्षण ले रही हैं। जिससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेला जा सके। - वैशाली मिश्रा, टेनिस खिलाड़ी
पहले हजार रुपए फीस देकर टेनिस की ट्रेनिंग दी जाती थी। लेकिन अब इसकी फीस बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई है। इसके बावजूद भी खेलना का मौका नहीं मिल रहा है। - हाना नागपाल, टेनिस खिलाड़ी
टेनिल के छह कोट होने के बाद भी ट्रेनिंग पूरी नहीं हो पा रही थी। जिसके चलते नोएडा स्टेडियम को अलविदा कहना पड़ गया। अब काफी अभ्यास के बाद राष्ट्रीय स्तर पर खेलना का मौका मिला है। - गौरिशा डबराल, टेनिस खिलाड़ी
वर्जन
-बिना टूर्नामेंट आयोजन के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा कैसे पहचान पाएंगे। प्रदेश में सिर्फ नोएडा में ही इंटरनेशनल मानकों पर टेनिस कोर्ट बनाया गया है। यहीं से इंटरनेशनल खिलाड़ी न मिले तो कोचिंग का क्या फायदा है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ियों का भविष्य खराब न हो। उन्हें बेहतर ट्रेनिंग मिले। - एनके खरबंदा, डिस्ट्रिक्ट टेनिस एसोसिएशन (अध्यक्ष)
2013 में हमें जिम्मेदारी दी गई। हमने दो से तीन बार ओपन टेनिस टूर्नामेंट कराए हैं। हालांकि सर्दी के कारण यहां कोचिंग करने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है। लेकिन हमारे खिलाड़ी अंडर-12 व 14 में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। - अग्निवेश शास्त्री, आर्यन टेनिस अकादमी (कोच)