पटाखा दुकान जलने वालों को मिलेगा 1-1 लाख
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फरीदाबाद के पटाखा मार्केट में जिन लोगों की दुकानें जल गई थीं उन्हें राज्य सरकार एक-एक लाख रुपये मुकावजा देगी। जिला प्रशासन ने आग से प्रभावित हुए 207 दुकानदारों को 50-50 हजार रुपये मुआवजे के चेक दे भी दिए। प्रदेश में खट्टर के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद शेष राशि का चेक भी दे दिया जाएगा।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बुधवार को सेक्टर-16 स्थित सर्किट हाउस में जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। इस मौके पर बड़खल की नव निर्वाचित विधायक सीमा त्रिखा, फरीदाबाद के विधायक विपुल गोयल, गुड़गांव मंडल के आयुक्त डीपीएस नांगल, पुलिस आयुक्त एएस चावला एवं जिला उपायुक्त विजय सिंह दहिया सहित कई लोग मौजूद रहे।
मंत्री एवं विधायकों ने कहा कि 24 घंटे के अंदर ही सरकार ने मुआवजा दे दिया है। अग्निकांड की मजिस्ट्रेट जांच 20 दिन में पूरी कर ली जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में गुर्जर ने कहा कि अग्नि दुर्घटना के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिक मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा
फरीदाबाद के एनआईटी के दशहरा ग्राउंड के पटाखा दुकानदारों ने अधिक मुआवजे की मांग को लेकर बुधवार दोपहर को बीके चौक पर जाम लगाकर हंगामा किया। दुकानदारों ने डीसीपी देवेंद्र यादव के साथ हाथापाई भी की। युवक डीसीपी के साथ भिड़ते रहे और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
बाद में पुलिस ने भी लाठियां फटकार कर जाम खुलवाया। मौके पर पहुंचे एडीसी ने दुकानदारों को उनकी मांग आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। सुरक्षा के मद्देनजर बीके चौक पर आरएएफ सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
मंगलवार को अग्निकांड का शिकार हुए दुकानदारों को केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। बुधवार को ही लघु सचिवालय में पीड़ित दुकानदारों को पहली किस्त के रूप में 50-50 हजार रुपये के चेक बांटे गए। करीब 25 दुकानदार ने मुआवजे को नाकाफी बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
बेकाबू हुए दुकानदारों ने किया डीसीपी हाथापाई
इन दुकानदारों ने बीके चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर डीसीपी देवेंद्र यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बेकाबू हुए दुकानदारों ने जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे देवेंद्र यादव के साथ हाथापाई की।
मौके पर पहुंचे एडीसी दिनेश यादव को दुकानदारों ने अपनी समस्याएं बताईं। एडीसी ने बताया कि दुकानदारों की तीन मांगे हैं। पहली मुआवजे की रकम एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख की जाए। दूसरी हादसे में जो वाहन जले हैं उनकी बीमा राशि जल्द दिलाई जाए।
कई दुकानदारों ने कर्ज लेकर पटाखे लगाए थे। इन दुकानदारों की मांग है कि सूदखोर उन्हें कर्ज वापस करने के लिए परेशान न करें। प्रशासन इन सूदखोरों के साथ बैठक कर कम के कम पांच माह तक रकम न मांगने के लिए कहेगा। उधर, पूर्व विधायक चंदर भाटिया ने पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
पुलिस आयुक्त एएस चावला ने कहा है कि दुकानदारों ने बीके पर जाम नहीं लगाया, वो लोग एक कोने में बैठकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। डीसीपी के साथ हाथापाई जैसी कोई बात नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।