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दिल्ली को कोरोना कैपिटल बनने से बचाने के लिए निजी अस्पतालों में कोविड19 टेस्ट की दी जाए अनुमति: हाईकोर्ट
Fri, 12 Jun 2020 01:45 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरा, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरा, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Fri, 12 Jun 2020 01:45 PM IST
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- फोटो : court
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दिल्ली हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली को कोरोना कैपिटल बनने से बचाने के लिए यह समय की जरूरत है कि जिन निजी अस्पतालों में कोविड19 टेस्ट के लिए लैब हैं, उन्हें कोविड19 मरीजों की जांच की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर दिया, जिसमें दिल्ली सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें निजी लैब्स में कोविड19 जांच पर रोक लगाई थी।
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न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। इस दौरान पीठ ने कहा कि दिल्ली तेजी से देश की कोरोना कैपिटल बनने की ओर अग्रसर है। इसलिए इस बढ़मी महामारी के समय में लैब्स युक्त निजी अस्पतालों में बिना किसी देरी के लक्षण वाले या बिला लक्षण वाले लोगों की कोरोना जांच के अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस संबंध में दिल्ली सरकार को निर्देश दिए।
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पीठ ने कहा कि जिन निजी अस्पतालों को दिल्ली सरकार ने कोविड19 मरीजों के जिए 20 प्रतिशत बेड आरक्षित करने किए हैं और जहां पर कोविड19 टेस्ट के लिए प्रयोगशालाएं हैं और आरसीएमआर की मंजूरी प्राप्त हैं, उन्हें कोविड19 टेस्ट शुरू करने के लिए कहा जाए, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करवाए सकें और कोरोना संक्रमण को और बढ़ने से रोका जा सके।
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हाईकोर्ट ने गौर किया कि जो लोग कोविड19 के मरीज नहीं है, जो जरूरी सर्जरी के लिए निजी अस्पताल पहुंच रहे हैं और अन्य मरीज जो निजी अस्पतालों में पहुचं रहे हैं, उनके अस्पतालों में कोविड19 के टेस्ट नहीं हो रहे हैं। इस वजह से वे लोग कोविड19 टेस्ट करवाने के लिए दूसरी जगहों पर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
पीठ ने कहा कि यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि नॉन कोविड19 मरीजों को कोविड19 जांच के लिए उन लैब्स में इंतजार करवाया जा रहा है, जो अस्पताल परिसरों में हैं और जिन्हें कोविड19 टेस्ट करने की अनुमति दी गई है।
पीठ ने यह आदेश वकील संजय शर्मा की ओर से दायर उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें कहा गया था कि ऐसे कई मामले हैं जिनमें गैर कोविड19 मरीजों को तत्काल सर्जरी की जरूरत है, लेकिन सरकार द्वारा निजी अस्पतालों की जैब में जांच पर लगाई गई रोक के कारण लोगों की जांच हो पा रही है। इस याचिका में मांग की गई थी कि दिल्ली सरकार को निर्देश दिए जाएं।