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कोविड-19: ‘ट्रैफिक लाइट’ पर भीख मांगने पर रोक की याचिका पर अदालत ने सरकार से मांगा जवाब
Tue, 01 Jun 2021 01:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 01 Jun 2021 01:20 PM IST
सार
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने दिल्ली सरकार, शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) और पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर उन्हें अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को दिल्ली सरकार और पुलिस से उस याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा जिसमें कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ट्रैफिक जंक्शनों और बाजारों में भिखारियों तथा बेघर लोगों को भीख मांगने से रोकने का अनुरोध किया गया है, क्योंकि इनमें से अधिकतर ना मास्क पहनते हैं और ना सामाजिक दूरी के नियम का पालन करते हैं।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने दिल्ली सरकार, शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) और पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर उन्हें अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
याचिकाकर्ता नरेंद्र पाल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कई भिखारियों को ‘ट्रैफिक लाइट’ पर ‘‘हाथ को बिना साफ (सैनिटाइज) किए’’ गाड़ियों को छूते देखा है और इससे वे खुद भी संक्रमित हो सकते हैं और संक्रमण फैलाने का जरिया भी बन सकते हैं।
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याचिका में भिखारियों तथा बेघर लोगों के पुनर्वास और उन्हें भोजन, आश्रय तथा टीकाकरण सहित चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने दिल्ली सरकार, शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) और पुलिस को नोटिस जारी कर याचिका पर उन्हें अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
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याचिकाकर्ता नरेंद्र पाल सिंह ने दावा किया कि उन्होंने कई भिखारियों को ‘ट्रैफिक लाइट’ पर ‘‘हाथ को बिना साफ (सैनिटाइज) किए’’ गाड़ियों को छूते देखा है और इससे वे खुद भी संक्रमित हो सकते हैं और संक्रमण फैलाने का जरिया भी बन सकते हैं।
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याचिका में भिखारियों तथा बेघर लोगों के पुनर्वास और उन्हें भोजन, आश्रय तथा टीकाकरण सहित चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया गया है।