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जिंदा, जिंदा..चीता, चीता... और दौड़ पड़ी पुलिस, झाड़ियों में घायल मिला न्यायालय कर्मी
Sun, 24 Nov 2019 09:12 AM IST
शाहरुख खान
गौरव शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
गौरव शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 24 Nov 2019 09:12 AM IST
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घायल सतीश
- फोटो : अमर उजाला
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सूरजपुर पुलिस ने झाड़ियों में फेंके गए जिला न्यायालय कर्मी सतीश को ढूंढ निकाला। लेकिन युवक की तलाश में जुटे पुलिस कर्मी ने शोर मचाया तो थोड़ी दूर स्थित अन्य पुलिसकर्मियों झाड़ियों में चीता होने की बात समझ भागने लगे। बाद में उन्हें समझ आया तब घायल सतीश को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी ऑटो चालक नवीन की निशानदेही पर नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के पीछे हिंडन पुस्ते के पास बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे पहुंच गए। सभी सिपाहियों ने सतीश की तलाश शुरू कर दी। तभी एक बॉडी झाड़ी में पड़ी दिखाई दी।
जैसे ही पुलिसकर्मी ने उसे हाथ लगाया। सतीश ने आंख खोल दी। पुलिसकर्मी उत्साहित होकर जिंदा, जिंदा, जिंदा चिल्लाने लगा। वहीं थोड़ी दूर पर सतीश को ढूंढ रहे पुलिसकर्मियों की समझ में वहीं आवाज चीता, चीता, चीता आई। चीता का नाम सुन वह तुरंत ही वहां से दौड़ पड़े।
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मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने सतीश के जीवित होने की जानकारी दी। फिर सभी कर्मी एकजुट हुए और उन्होंने सतीश को परिजनों को सुपुर्द करते हुए अस्पताल में भर्ती कराया। सूरजपुर कोतवाली थाना प्रभारी जितेंद्र दीखित ने बताया कि 24 घंटे तक झाड़ियों में जिंदा रहने के चलते पुलिसकर्मी चौंक गए थे।
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एक पुलिसकर्मी ने बताया कि आरोपी ऑटो चालक नवीन की निशानदेही पर नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के पीछे हिंडन पुस्ते के पास बृहस्पतिवार रात करीब 8 बजे पहुंच गए। सभी सिपाहियों ने सतीश की तलाश शुरू कर दी। तभी एक बॉडी झाड़ी में पड़ी दिखाई दी।
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जैसे ही पुलिसकर्मी ने उसे हाथ लगाया। सतीश ने आंख खोल दी। पुलिसकर्मी उत्साहित होकर जिंदा, जिंदा, जिंदा चिल्लाने लगा। वहीं थोड़ी दूर पर सतीश को ढूंढ रहे पुलिसकर्मियों की समझ में वहीं आवाज चीता, चीता, चीता आई। चीता का नाम सुन वह तुरंत ही वहां से दौड़ पड़े।
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मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने सतीश के जीवित होने की जानकारी दी। फिर सभी कर्मी एकजुट हुए और उन्होंने सतीश को परिजनों को सुपुर्द करते हुए अस्पताल में भर्ती कराया। सूरजपुर कोतवाली थाना प्रभारी जितेंद्र दीखित ने बताया कि 24 घंटे तक झाड़ियों में जिंदा रहने के चलते पुलिसकर्मी चौंक गए थे।
यह था घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक बोड़ाकी गांव निवासी सतीश कुमार सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में एसीजीएम-प्रथम में कार्यरत हैं। बुधवार की शाम सतीश ऑटो से घर जा रहे थे। देवला गांव के पास एक्सल टूटने से ऑटो पलट गया। हादसे में सतीश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका मोबाइल फोन भी वहीं गिर गया। ऑटो चालक किसी दूसरे वाहन से घायल सतीश को लेकर देवधर अस्पताल लेकर पहुंचा।
गंभीर रूप से घायल सतीश को देख डॉक्टरों ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने को कहा। आरोप है कि आटो चालक किसी बड़े अस्पताल में ले जाने के बजाए घायल सतीश को नालेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के पीछे हिंडन पुस्ते की झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। आरोपी चालक नवीन को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो सारे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
गंभीर रूप से घायल सतीश को देख डॉक्टरों ने किसी बड़े अस्पताल में ले जाने को कहा। आरोप है कि आटो चालक किसी बड़े अस्पताल में ले जाने के बजाए घायल सतीश को नालेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के पीछे हिंडन पुस्ते की झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। आरोपी चालक नवीन को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो सारे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।