सुप्रीम कोर्ट ने चेताया, केंद्रीय मंत्री को दिए चेक लौटे तो मुश्किल में पड़ेगा बिल्डर
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पार्श्वनाथ डेवलपर्स को चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि अगर केंद्रीय खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर को दिए गए चेक बाउंस हुए हो तो पार्श्वनाथ के अधिकारी न्यायालय की अवमानना के जिम्मेदार होंगे। इससे बिल्डर की मुश्किल बढ़ जाएगी।
केंद्रीय मंत्री राठौर की ओर से चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ को जानकारी दी गई थी कि उन्होंने गुरुग्राम स्थित पार्श्वनाथ डवलपर्स के एग्जॉटिका प्रोजेक्ट में जो फ्लैट बुक कराया था, उसका कब्जा वह नहीं लेना चाहते।
राठौर का कहना था कि वह फ्लैट रहने की स्थिति में नहीं है इसलिए उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया। पार्श्वनाथ ने रकम वापस करने के लिए पोस्ट डेटेड चेक दिए हैं। राठौर ने बताया कि उन्हें पांच चेक मिले हैं।
केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौर और पार्श्वनाथ डेवलपर्स के बीच चल रहे गतिरोध दूर करने के लिए दो कोर्ट कमिश्नरों की एक समिति बनाई थी। पिछली सुनवाई में बताया गया था कि दोनों पक्षों में गतिरोध खत्म होने की कगार पर है।
क्या है मामला
पीठ ने सोमवार को इस याचिका का निपटारा कर दिया लेकिन पार्श्वनाथ से कहा कि अगर इनमें से कोई चेक बाउंस होता है तो उनके अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही चल सकती है। हालांकि पार्श्वनाथ की ओर से भरोसा दिलाया गया कि चेक बाउंस होने की नौबत नहीं आएगी।
खेल मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने वर्ष 2006 में 70 लाख रुपये की राशि देकर गुरुग्राम में पार्श्वनाथ के एक्जोटिका प्रोजेक्ट में मकान बुक कराया था। बिल्डर ने उनसे 2008 या 2009 में फ्लैट देने का वादा किया था। पिछले साल 21 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ से कहा कि दो दिन के अंदर राठौर को मकान सौंप दें।
साथ ही कहा कि वे कोई और राशि इसके लिए नहीं देंगे। राठौर ने पाया कि जो फ्लैट बिल्डर उन्हें देने वाला है वह तो रहने लायक ही नहीं है, तब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे।